देवास में फर्जी किन्नर गैंग का पर्दाफाश, 6 आरोपी गिरफ्तार
देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले की पुलिस ने कन्नौद और खातेगांव क्षेत्र में सक्रिय एक बेहद शातिर और अनोखे लुटेरे गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की विशेष टीम ने सामूहिक कार्रवाई करते हुए छह सदस्यों के एक ऐसे गिरोह को दबोचा है, जो किन्नर का भेष धारण कर राहगीरों और ग्रामीणों को अपना निशाना बनाता था। पकड़े गए शातिर बदमाशों के पास से पुलिस ने पीड़ित परिवार से लूटे गए सोने के कीमती आभूषण, वारदात के समय इस्तेमाल की गई दो कारें और डराने-धमकाने के लिए रखे गए दो धारदार हथियार भी बरामद किए हैं। इस अनूठे गिरोह के पकड़े जाने से इलाके के लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
किन्नर का भेष धारण कर चाकू की नोक पर दी थी वारदात को अंजाम
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीते 19 जून 2026 को खातेगांव थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम बरवाई खेड़ा में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई थी। वहां तीन बदमाश बकायदा किन्नरों के पहनावे और श्रृंगार में एक सीधे-साधे ग्रामीण के घर में दाखिल हुए। इससे पहले कि परिवार के लोग कुछ समझ पाते, आरोपियों ने अचानक चाकू निकाल लिया और गृहस्वामी की गर्दन पर अड़ाकर घर में रखे करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवरात जबरन लूट कर रफूचक्कर हो गए। इस दुस्साहसिक घटना के बाद पीड़ित परिवार की शिकायत पर खातेगांव थाने में डकैती और लूट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
हाईटेक इनपुट और मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर दबोचे आरोपी
इलाके में बढ़ती सक्रियता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के निर्देशन में एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) की मदद ली। इसी बीच कन्नौद पुलिस को अपने मुखबिर तंत्र से इन संदिग्धों के मूवमेंट की सटीक लोकेशन प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस टीम ने बताए गए ठिकाने पर पूरी तैयारी के साथ घेराबंदी की और सबसे पहले गिरोह के मुख्य सरगना सोनू उर्फ सुनील को हिरासत में लिया, जिसने सख्ती से पूछताछ करने पर अपने बाकी साथियों के नाम उगल दिए।
धार और रतलाम के रहने वाले शातिर लुटेरों के पास से गाड़ियां और जेवर बरामद
पुलिस गिरफ्त में आए बदमाशों की पहचान मुख्य आरोपी सोनू उर्फ सुनील निवासी रतलाम के साथ-साथ उसके अन्य साथियों भैरवनाथ, जीवन, लखन, अर्जुन और कैलाश के रूप में हुई है, जो मूल रूप से धार जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इन सभी की निशानदेही पर लूटी गई दो सोने की मालाएं और एक सोने का टप्पा बरामद कर लिया है। इसके अलावा पुलिस ने उस स्विफ्ट डिजायर और ऑल्टो कार को भी जब्त कर लिया है, जिससे ये लोग रेकी करने और वारदात के बाद भागने के लिए इस्तेमाल करते थे। पकड़े गए आरोपियों के पास से बरामद दो धारदार चाकुओं को भी केस प्रॉपर्टी के तौर पर सील कर दिया गया है।
बदमाशों के तौर-तरीकों को लेकर अन्य थानों की पुलिस भी कर रही है पूछताछ
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। अमूमन लोग किन्नरों को देखकर सम्मानवश या कौतूहल में अपने घरों के दरवाजे खोल देते थे, जिसका फायदा उठाकर ये बदमाश पहले लोगों को बातों में बहलाते-फुसलाते थे और मौका मिलते ही मौत का भय दिखाकर लूटपाट की बड़ी घटनाओं को अंजाम देकर कारों से फरार हो जाते थे। देवास पुलिस अब इस गिरोह के सभी छह सदस्यों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने मालवा और निमाड़ अंचल के अन्य किन-किन जिलों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।
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