एसईसीएल के मुख्य कार्यालय परिसर में हुई आगजनी
बिलासपुर-एसईसीएल के मुख्य कार्यालय परिसर में आग लगने की खबर से सुरक्षा मे तैनात गार्ड और एसईसीएल प्रबंधन में हड़कंप मच गया।आगजनी की खबर सामने आने के बाद वही इस परिसर में दो दमकल की गाड़ी अंदर जाते देखी गई।दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया है। इस घटना के सामने आने के बाद एसईसीएल प्रबंधन के द्वारा मिडिया कर्मियों को अंदर जाने से रोका गया।
आगजनी को लेकर प्रबंधन बोलने से बचते हुए नजर आया।काफी समय के बाद प्रबंधन ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एसईसीएल पीआरओ सानिष चंद्रा ने बयान जारी कर बताया की एसईसीएल परिसर में एक जर्जर भवन है।जिसके ऊपर से बिजली का तार गया हुआ।ऐसी आशंका जताई जा रही की इन्ही बिजली के तारों के कारण आगजनी की घटना हुई है।इस घटना को सुरक्षा में तैनात गार्ड ने देखा और उसने एसईसीएल प्रबंधन और 112को सूचना दे दी गई जिसके कारण राज्य शासन की तरफ दमकल की गाड़ियां यहां पहुंचकर उस आग को काबू पा लिया।इस आगजनी में किसी भी दस्तावेज या जन हानि नही होने की बात कही गई।
एसईसीएल प्रबंधन ने बयान जारी कर अपना पक्ष रख कर इस आगजनी की घटना को स्पष्ट कर दिया गया।लेकिन ऐसे कई सवाल सामने आए जिसमे एसईसीएल के द्वारा इस घटना के सामने आने के बाद बाहरी किसी भी व्यक्ति को अंदर आने नही दिया गया। वही मुख्यालय के बाहर मुख्य दरवाजे को सुरक्षा गार्ड के द्वारा बंद कर दिया जा रहा था।काफी समय तक मीडिया कर्मी मुख्य द्वार में खड़े रहे लेकिन उनको जाने से रोका जाना।आखिर ऐसी क्या वजह थी की आगजनी घटना सामने आने के बाद छिपाना पड़ा।
एमपी विधानसभा के बजट सत्र को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड मे, निजी सुरक्षा कर्मियों पर रोक, नए नियम लागू
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव
जनसंपर्क अधिकारी पर दबाव और झूठे आरोपों का मामला: रॉयल प्रेस क्लब ने एमपी नगर थाने में दी शिकायत
वाराणसी कचहरी में बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
कुक स्ट्रेट फतह करने वाले पहले एशियन पैरास्विमर बने सतेंद्र, 9 घंटे 22 मिनट में रचा इतिहास