‘सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं’, इबोला पर मंत्री का आश्वासन
रायपुर / दुर्ग: दुनिया के कई देशों में कहर बरपा रहे जानलेवा इबोला वायरस को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार और स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इस खतरनाक वायरस के किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए राज्य में हर स्तर पर तैयारियां पुख्ता की जा रही हैं। इसी बीच दुर्ग जिले में अंतरराष्ट्रीय यात्रा (International Travel) से लौटे एक और नागरिक को एहतियातन आइसोलेशन में रखा गया है। यह व्यक्ति हाल ही में सूडान से भारत वापस आया था, जिसे अब सख्त निगरानी में होम आइसोलेशन में रखा गया है। इस नए मामले के सामने आने के बाद प्रदेश में कुल आइसोलेट किए गए संदिग्धों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है।
कांगो और इथियोपिया से आए लोग भी क्वारंटीन, स्वास्थ्य मंत्री ने दी अहम जानकारी
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने प्रदेश की स्थिति और तैयारियों पर बड़ी जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया, "इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए हमने पूरे छत्तीसगढ़ में अलर्ट जारी किया है। अफ्रीकी देशों में इसके 250 से 300 एक्टिव केस पाए गए हैं, जिसे देखते हुए हमारी टीमें बेहद सतर्क हैं।"
21 दिनों का सख्त पहरा: स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, अकेले दुर्ग जिले में जिन लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है, उनमें कांगो, इथियोपिया और सूडान से लौटे नागरिक शामिल हैं। एहतियात के तौर पर इन सभी को 21 दिनों के लिए अनिवार्य क्वारंटीन पर भेजा गया है। राहत की बात यह है कि शुरुआती जांच में अभी तक किसी भी नागरिक में इबोला के लक्षणों (Symptoms) की पुष्टि नहीं हुई है, और सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं। सुरक्षा और गाइडलाइन के तहत यह कदम उठाया गया है।
क्या है इबोला वायरस और यह कितना खतरनाक है?
इबोला एक बेहद संक्रामक और जानलेवा वायरल बीमारी है, जिसे लेकर विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं:
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कैसे पहुंचता है नुकसान: यह वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद इंसानी रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को गंभीर नुकसान पहुंचाता है।
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शुरुआती और गंभीर लक्षण: इसके शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू या बुखार जैसे होते हैं। लेकिन स्थिति गंभीर होने पर मरीज को अंदरूनी और बाहरी रक्तस्राव (ब्लीडिंग), तंत्रिका विकार (Nervous Disorders) और लगातार उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगती है।
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फैलने का जरिया: यह वायरस मूल रूप से जंगली जानवरों जैसे चमगादड़, बंदर और हिरण के जरिए इंसानों तक पहुंचता है।
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इंसान से इंसान में संक्रमण: एक बार संक्रमित होने के बाद, पीड़ित व्यक्ति के खून, लार, पसीने या मल-मूत्र के सीधे संपर्क में आने से यह वायरस बहुत तेजी से दूसरे इंसानों में फैल जाता है।
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे पैनिक न हों, बल्कि सतर्क रहें। विदेश यात्रा से लौटने वाले लोग अपने स्वास्थ्य की जानकारी प्रशासन से न छिपाएं।
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