नई दिल्ली| जब भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में गौतम गंभीर ने कमान संभाली थी, तो क्रिकेट गलियारों में यह बात लगभग तय मानी जा रही थी कि वे अपनी पसंद और प्रतिभा वाले कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों को टीम में जरूर मौका देंगे। ऐसा हुआ भी, और गंभीर ने जिस भी खिलाड़ी में क्षमता देखी, उसे आगे बढ़ाने का पूरा प्रयास किया। हालांकि, गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद जिस प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज की टीम इंडिया में धमाकेदार वापसी की सबसे अधिक उम्मीद जताई जा रही थी, वह आज राष्ट्रीय टीम से पूरी तरह नदारद चल रहे हैं।

गौतम गंभीर ने जिस खिलाड़ी के लिए दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) के अधिकारियों तक से बगावत कर दी थी और उन्हें दिल्ली की टीम में शामिल कराया था, आगे चलकर उस गेंदबाज ने भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू भी किया, लेकिन फिर टीम से बाहर होने के बाद वे दोबारा वापसी नहीं कर सके। इस तेज गेंदबाज का नाम नवदीप सैनी है।

नेट्स पर अपनी गेंदबाजी से गंभीर को किया था प्रभावित

भारत के लिए 2 टेस्ट, 8 वनडे और 11 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके नवदीप सैनी के क्रिकेट करियर की कहानी बेहद दिलचस्प और संघर्षपूर्ण रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2013 में नवदीप सफेद कपड़े पहनकर दिल्ली के रोशनआरा क्लब पहुँच गए थे। उस समय दिल्ली की रणजी ट्रॉफी टीम वहाँ अभ्यास कर रही थी और नेट्स पर गेंदबाजी के लिए कुछ गेंदबाजों की जरूरत थी। इस अभ्यास सत्र में गौतम गंभीर भी मौजूद थे। नवदीप ने गेंद उठाई और अपनी तेज गेंदबाजी से जलवा बिखेरना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने सीनियर बल्लेबाज गौतम गंभीर को भी अपनी गेंदों से कई बार छकाया (बीट किया)। बस यहीं से नवदीप सैनी सीधे गौतम गंभीर की नजरों में आ गए।

गंभीर ने इसके बाद 'करनाल प्रीमियर लीग' का आयोजन कराने वाले सुमीत नरवाल से नवदीप के बारे में बातचीत की, जिन्होंने इस दाएं हाथ के तेज गेंदबाज की छिपी हुई प्रतिभा के बारे में विस्तार से बताया। उस वक्त नवदीप मुख्य रूप से लेदर बॉल की बजाय टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला करते थे। नेट्स पर उनके प्रदर्शन से प्रभावित होकर गौतम गंभीर ने उन्हें अपने पास से स्पाइक्स जूते (शूज) दिए और उन्हें नियमित रूप से दिल्ली टीम के नेट्स पर अभ्यास के लिए आने को कहा।

जब चयनकर्ताओं के विरोध से भिड़ गए थे गौतम गंभीर

यहाँ से नवदीप सैनी का घरेलू क्रिकेट में सफर शुरू हुआ। गंभीर ने नवदीप को दिल्ली की मुख्य टीम में जगह दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया और डीडीसीए के चयनकर्ताओं से भी कड़ा संघर्ष किया। उस समय चयन समिति और विरोधियों में तत्कालीन डीडीसीए उपाध्यक्ष चेतन चौहान जैसे दिग्गज भी शामिल थे। नवदीप के चयन का विरोध यह कहकर किया जा रहा था कि वे दिल्ली के मूल निवासी नहीं बल्कि 'बाहरी' हैं। लेकिन गौतम गंभीर अपनी जिद पर पूरी तरह अड़े रहे, जिसके परिणामस्वरूप नवदीप को वर्ष 2013 के रणजी सीजन के लिए दिल्ली की टीम में चुन लिया गया। इसके बाद उनका सफर कुछ आसान हुआ और आखिरकार 3 अगस्त 2019 को अमेरिका के लॉडेरहिल में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 मुकाबले के जरिए नवदीप ने भारत के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया।

अब कहाँ और किस हाल में हैं नवदीप सैनी?

नवदीप सैनी ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 23 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में वनडे फॉर्मेट के रूप में खेला था। उस मुकाबले के बाद से वे आज तक भारतीय टीम में अपनी जगह दोबारा नहीं बना सके हैं। पिछले आईपीएल सीजन के दौरान वे चोटिल तेज गेंदबाज हर्षित राणा के विकल्प के तौर पर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टीम से जुड़े थे।

वर्तमान समय में नवदीप सैनी दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस टी20 लीग में वे 'आउटर दिल्ली वॉरियर्स' की तरफ से खेल रहे हैं। हाल ही में इस टीम का मुकाबला 'साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स' के साथ हुआ था, जहाँ बारिश के कारण घटकर 10-10 ओवर के किए गए मैच में नवदीप की टीम ने 39 रनों से शानदार जीत दर्ज की। इस मुकाबले में सैनी ने अपनी गेंदबाजी का जौहर दिखाते हुए मात्र 2 ओवरों में महज 9 रन खर्च करके 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके। इस दौरान उनका गेंदबाजी एक्शन और लय यह बता रही थी कि नवदीप फिलहाल बेहद शानदार फॉर्म में चल रहे हैं।