CJP प्रदर्शन में शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ी, अस्थमा अटैक के बाद बोलीं- 'अब मैं ठीक हूं'
नई दिल्ली। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित 'चलो संसद' छात्र मार्च के दौरान उस समय एक सनसनीखेज स्थिति पैदा हो गई, जब प्रसिद्ध अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता 75 वर्षीय शबाना आजमी पुलिस द्वारा छोड़े गए आंसू गैस के गोलों के संपर्क में आ गईं, जिससे उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों, धांधलियों और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में इस राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का हिस्सा बनने जंतर-मंतर से संसद की ओर निकली थीं।
आंसू गैस के संपर्क में आने से पड़ा अस्थमा अटैक, पम्प के इस्तेमाल से मिली राहत
मीडिया संस्थानों को दिए गए अपने एक साक्षात्कार में अभिनेत्री शबाना आजमी ने खुद इस बात का खुलासा किया कि उन्हें प्रोटेस्ट के दौरान जो हेल्थ अटैक आया था, वह पूरी तरह से पुलिस द्वारा छोड़ी गई आंसू गैस (टियर गैस) के धुएं के संपर्क में आने के कारण हुआ था। हालांकि, अपनी सेहत संभलने के तुरंत बाद वह बिना डरे वापस प्रदर्शन स्थल पर लौटीं और छात्रों का हौसला बढ़ाया।
शबाना ने अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में बताते हुए कहा कि उन्हें पहले से ही अस्थमा की शिकायत है, और मौके पर छोड़ी गई भारी मात्रा में आंसू गैस के कारण उन्हें अचानक सांस लेने में तकलीफ और अस्थमा अटैक आ गया था। गनीमत यह रही कि उस वक्त उनके पास उनका इनहेलर (पंप) मौजूद था, जिसकी मदद से उन्हें तुरंत सांस लेने में राहत मिल गई और वह जल्द ही स्वस्थ हो गईं।
तबीयत बिगड़ने के बाद भी नहीं डिगा हौसला, घायल छात्रों से की मुलाकात
उन्होंने आगे बताया कि जब उनकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हुई थी, तब उन्हें तुरंत एहतियात के तौर पर पास की ही एक इमारत के अंदर ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों और सहयोगियों ने उनकी देखभाल की। पूरी तरह ठीक होने के बाद वह जरा भी घबराई नहीं और सीधे वापस उस जगह पर पहुंच गईं, जहां प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हो गए थे।
देश के युवाओं और छात्रों के बुलंद हौसले की सराहना करते हुए शबाना ने कहा, "इन नौजवानों का जज्बा और हौसला सचमुच काबिल-ए-तारीफ है। मैं देश के इन युवाओं के संघर्ष को दिल से सलाम करती हूं।"
कहा— प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के बाद भी नहीं मिला जवाब, इसलिए सड़कों पर उतरना पड़ा
शबाना आजमी ने मीडिया से बातचीत में यह भी साझा किया कि इससे पहले उन्होंने और उनके पति, प्रसिद्ध गीतकार व लेखक जावेद अख्तर ने इस संवेदनशील मुद्दे को देश के प्रधानमंत्री तक पत्र (चिट्ठी) के माध्यम से पहुंचाने की पूरी कोशिश की थी। उन्होंने कहा, "हमने बीते 15 जुलाई को ही प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य युवाओं से बातचीत का सिलसिला शुरू करने की पुरजोर अपील की थी। हमें शुरुआत में यह जवाब मिला था कि इस पर दो दिन के भीतर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी जाएगी, लेकिन लंबा इंतजार करने के बावजूद जब सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया, तब अंततः हमें मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ा।"
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस उथल-पुथल भरे प्रदर्शन के दौरान उन्होंने खुद अपनी आंखों से पुलिस की सख्त कार्रवाई और आंसू गैस के गोले चलते देखे, लेकिन इन सबके बावजूद देश के छात्र पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी न्यायसंगत मांगों पर डटे रहे और सरकार से केवल एक खुली बातचीत की मांग करते रहे।
साउथ और बॉलीवुड अभिनेता प्रकाश राज भी आंदोलन में हुए थे शामिल
आपको बता दें कि इस बहुचर्चित 'चलो संसद' मार्च के दौरान दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी फिल्म इंडस्ट्री की उन चुनिंदा और गिने-चुने नामचीन कलाकारों में से थीं, जो खुद जमीन पर उतरकर सीधे छात्रों के साथ खड़ी हुईं। इस दौरान उन्होंने प्रख्यात दक्षिण व बॉलीवुड अभिनेता प्रकाश राज और सीजेपी (CJP) के प्रतिनिधि अभिजीत दिपके के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक मार्च का एक वीडियो भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था, जो काफी वायरल हुआ था।
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