नई दिल्लीभारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधू ने एक बार फिर अपनी शानदार फॉर्म का परिचय देते हुए जापान ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया है। रियो और टोक्यो ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतकर इतिहास रचने वाली सिंधू के लिए पिछले दो साल बेहद संघर्षपूर्ण रहे थे, क्योंकि वह लंबे समय से किसी बड़े खिताब पर कब्जा नहीं जमा पा रही थीं। हालांकि, कठिन समय में भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के प्रेरणादायक शब्दों ने उन्हें दोबारा ऊर्जा दी और सोमवार को जापान ओपन का फाइनल मुकाबला जीतकर उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया।

अकाने यामागुची को हराकर सिंधू ने रचा इतिहास

जापान ओपन के रोमांचक खिताबी मुकाबले में पीवी सिंधू ने अपनी चिर-प्रतिद्वंद्वी और मेजबान खिलाड़ी अकाने यामागुची को सीधे सेटों में 21-17, 21-17 से करारी शिकस्त दी। इसी शानदार जीत के साथ सिंधू ने पहली बार जापान ओपन का यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी भी बन गई हैं। पिछले दो वर्षों से चल रहा उनका खिताबी सूखा आखिरकार समाप्त हो गया है और देश को एक बार फिर अपनी पुरानी और अजेय सिंधू देखने को मिली है।

चोट और मानसिक तनाव से उबरने में पति वेंकट दत्ता साई ने की मदद

इस मुश्किल दौर में सिंधू को गंभीर चोटों का भी सामना करना पड़ा था। लिगामेंट में आई चोट के कारण डॉक्टरों ने उन्हें तीन महीने तक पूरे आराम की सलाह दी थी। ऐसे समय में उनके पति वेंकट दत्ता साई ने उनका विशेष ध्यान रखा और उन्हें मानसिक तनाव से बाहर निकालने के लिए अटलांटा की छुट्टियों पर ले गए। वेंकट अच्छी तरह जानते थे कि सिंधू अपने करियर के ग्राफ को लेकर बेहद चिंतित हैं, इसलिए यह छुट्टियां उन्हें मानसिक रूप से मजबूत करने के लिए जरूरी थीं। इसी ट्रिप के दौरान वेंकट ने उन्हें विराट कोहली के वे प्रेरणादायक शब्द याद दिलाए, जिन्होंने सिंधू के अंदर खोया हुआ आत्मविश्वास फिर से जगा दिया।

पति ने याद दिलाई विराट कोहली की सीख

मीडिया से बातचीत करते हुए वेंकट दत्ता साई ने साझा किया कि उनका मुख्य उद्देश्य सिंधू के भीतर खेल के प्रति उस पुरानी भावना और आनंद को दोबारा जागृत करना था। उन्होंने बताया कि अटलांटा की एक्सोस स्पोर्ट्स परफॉर्मेंस फैसिलिटी में सिंधू लगातार तीन सप्ताह तक तीन दिग्गजों के साथ ट्रेनिंग करती रहीं, जिसमें उनकी बहन रोज ने रोज उन्हें वहां ले जाकर पूरी मदद की। एक खुशनुमा और पारिवारिक माहौलत तैयार कर उन्होंने सिंधू के मन से दबाव को कम किया।

वजन घटाने और डेटा विश्लेषण से सुधारा अपना खेल

वेंकट ने आगे बताया कि पेरिस ओलंपिक के बाद उन्होंने और उनकी टीम ने सिंधू के खेल से जुड़े आंकड़ों (डेटा) का बारीकी से विश्लेषण किया, जिससे उनकी कमियों का पता चला। विश्लेषण में दो मुख्य बातें सामने आईं—एक तो उनके अंदर अटैकिंग माइंडसेट में कमी आई थी, और दूसरा, वह कोर्ट पर लाइन जजमेंट में काफी गलतियां कर रही थीं, जो पहले प्रति मैच दो हुआ करती थीं और बढ़कर छह तक पहुंच गई थीं।

इसके बाद कोचिंग स्टाफ की विशेष सलाह पर काम करते हुए सिंधू ने जापान ओपन से ठीक पहले अपना 3.5 किलोग्राम वजन भी कम किया। इस दौरान उनके शरीर की जरूरत के अनुसार चिकन को डाइट में शामिल रखा गया ताकि प्रोटीन की कमी न हो। अपनी इस कड़ी मेहनत और अनुशासन का फल उन्हें जापान ओपन की ट्रॉफी जीतकर मिला, जिसके बाद उन्होंने अपनी इस जीत का जश्न अपनी मनपसंद आइसक्रीम के साथ मनाया।