'टीवी एक्टर्स को मिलती थी मोटी फीस', सरगुन मेहता ने सुनाई प्रोड्यूसर बनने की दिलचस्प कहानी
छोटे पर्दे से शुरुआत करके बड़े पर्दे तक अपनी खास पहचान बनाने वाली सरगुन मेहता आज पंजाबी सिनेमा की सबसे कामयाब अभिनेत्रियों और निर्माताओं में शुमार हैं। अपनी इस शानदार यात्रा पर बात करते हुए सरगुन ने बताया कि उनका करियर लगातार खुद को बदलने, सही समझ और जोखिम उठाने के जज्बे की बदौलत ही इस मुकाम तक पहुंचा है। उन्होंने अपने करियर के एक ऐसे मोड़ का जिक्र किया जिसने उन्हें अचानक एक एक्टर से प्रोड्यूसर बना दिया।
जब फीस न मिलने पर मुनाफे में मांग लिया हिस्सा
सरगुन मेहता ने टीवी के उस दौर को याद किया जब कलाकारों को काफी मोटी रकम मिला करती थी और टीवी शो जबरदस्त टीआरपी बटोरते थे। उन्होंने बताया कि रियलिटी शो 'नच बलिए' के दौरान उनकी लोकप्रियता चरम पर थी। हालांकि, फिल्म निर्माण (प्रोडक्शन) के क्षेत्र में कदम रखना उनकी किसी पूर्व योजना का हिस्सा नहीं था, बल्कि परिस्थितियों की देन था। साल 2019 में आई पंजाबी फिल्म 'काला शाह काला' का किस्सा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि तब मेकर्स के पास उन्हें बतौर अभिनेत्री देने के लिए फीस के पैसे नहीं थे। ऐसे में सरगुन ने स्क्रिप्ट सुनने के बाद मेकर्स के सामने एक अनोखी शर्त रखी कि वे उन्हें फीस न दें, बल्कि फिल्म के मुनाफे में हिस्सेदारी के साथ बतौर प्रोड्यूसर क्रेडिट दें। इसी फैसले के साथ उन्होंने अपनी प्रोडक्शन कंपनी की नींव रखी और बाद में अपने पति रवि दुबे के साथ मिलकर मशहूर टीवी शो 'उड़ारियां' के जरिए टीवी प्रोडक्शन में भी धमाकेदार एंट्री की।
पैसे से ज्यादा मजबूत इरादों से बनती है अच्छी फिल्म
एक कुशल निर्माता के तौर पर सरगुन का मानना है कि किसी भी बेहतरीन फिल्म का निर्माण बजट के बड़े साइज से ज्यादा, उसे बनाने के पीछे छिपे पक्के इरादे पर निर्भर करता है। उन्होंने अपने अनुभव से यह बात साफ की कि अगर कोई इंसान वाकई दिल से सिनेमा बनाना चाहता है, तो वह महज दो लाख रुपये के सीमित बजट में भी एक लाजवाब फिल्म तैयार कर सकता है। उनका कहना है कि अच्छी कला के लिए पैसों की नहीं, बल्कि सही नीयत की दरकार होती है। कलाकार कुछ फिल्में व्यावसायिक लाभ के लिए करते हैं, तो कुछ सिर्फ अपनी आत्म-संतुष्टि और कला के प्रति प्रेम के लिए करते हैं।
एक्टिंग और प्रोडक्शन के तालमेल से बेहद खुश हैं अभिनेत्री
सरगुन मेहता आज के समय में अभिनय और फिल्म निर्माण दोनों ही भूमिकाओं को एक साथ बखूबी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह पर्दे के आगे रहकर कला का प्रदर्शन करने के साथ-साथ पर्दे के पीछे रहकर नए प्रोजेक्ट्स को प्रोड्यूस करने की अपनी इस वर्तमान जीवन-यात्रा से बेहद संतुष्ट और खुश हैं। टीवी शो से लेकर फिल्मों तक का उनका यह सफर आज के युवाओं और नए कलाकारों के लिए बेहद प्रेरणादायक है, जो यह सिखाता है कि सही समय पर लिया गया एक साहसिक फैसला आपकी किस्मत बदल सकता है।
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