मप्र में मीजल्स की दस्तक, कई जिलों में बच्चों में दिखे खसरे के लक्षण
सतना। मध्य प्रदेश में मीजल्स (खसरा) का संक्रमण तेजी से अपने पैर पसार रहा है। अकेले सतना जिले में पिछले 15 दिनों के भीतर खसरे के 18 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई जांच में 5 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है, जिनमें चार छोटी बच्चियां और एक 26 वर्षीय युवती शामिल है। जिले में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
दो ब्लॉक के कई गांव संक्रमण की चपेट में
सतना जिले के नागौद और मझगवां ब्लॉक में खसरे के मामले तेजी से बढ़े हैं। नागौद ब्लॉक के सलैय्या उन्मुक्त की 1 वर्षीय बच्ची और चकरगोहान की 26 वर्षीय युवती संक्रमित पाई गई है। वहीं, चित्रकूट के कुसुमी की 2 वर्षीय मासूम, मझगवां ब्लॉक के देवलहा की 5 वर्षीय और पिंडरा गांव की 6 वर्षीय बच्ची भी इस बीमारी की चपेट में आ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में ये सैंपल लिए थे, जिनकी रिपोर्ट अब कन्फर्म हो चुकी है।
बेहद संक्रामक है बीमारी, निगरानी और सर्वे शुरू
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, खसरा एक अत्यंत संक्रामक वायरस है जो हवा के माध्यम से फैलता है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद विभाग ने प्रभावित गांवों में सर्वे और निगरानी बढ़ा दी है। डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से तेजी से दूसरों में फैलती है। बच्चों में इसकी गंभीरता अधिक देखी जा रही है, जिससे निमोनिया, दस्त और दिमाग में सूजन जैसी जानलेवा समस्याएं हो सकती हैं।
लक्षण पहचानें और टीकाकरण पर दें जोर
विशेषज्ञों के मुताबिक, खसरा होने पर तेज बुखार, खांसी, नाक बहना, आंखें लाल होना और शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इससे बचाव का एकमात्र प्रभावी तरीका टीकाकरण है। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि 9 माह की उम्र में पहली और 16 से 24 माह के बीच एमएमआर वैक्सीन की दूसरी खुराक अवश्य लगवाएं। इसके अलावा, हाथों की सफाई और संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर इस संक्रमण को रोका जा सकता है।
प्रदेश के इन जिलों में भी बढ़ा खतरा
सतना के अलावा मध्य प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी मीजल्स के मरीज मिल रहे हैं। अब तक रतलाम, आलीराजपुर, शिवपुरी, दतिया और बुरहानपुर सहित विभिन्न जिलों में कुल 24 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि इस प्रकोप को महामारी का रूप लेने से रोका जा सके।
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, असम में बाढ़ से 50 की मौत, हजारों घरों में ब्लैकआउट
इराक से वेस्ट बैंक तक हिंसा, धमाकों और गोलीबारी से फिर भड़का तनाव
बैठक खत्म, सहमति नहीं; कल फिर आमने-सामने होंगे सरकार और CJP
अस्पताल में सेवाएं प्रभावित, 21 कर्मचारियों की नौकरी जाने पर बढ़ा विवाद
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, विवाहित बेटियों को भी मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार