मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव, ईरान ने जासूसी मामले में उठाया बड़ा कदम
इस्लामाबाद/रावलपिंडी: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एक बार फिर भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की है। भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' को एक साल पूरा होने पर अपनी खीझ मिटाते हुए मुनीर ने धमकी दी है कि अगर भविष्य में ऐसी कोई कार्रवाई हुई, तो इसके परिणाम 'दर्दनाक' होंगे। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान केवल अपनी जनता का ध्यान भटकाने और सेना की गिरती साख को बचाने की एक कोशिश है।
ब्रह्मोस की मार और 'ऑपरेशन सिंदूर' का खौफ
पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने ब्रह्मोस मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के भीतर स्थित आतंकी ठिकानों और कई महत्वपूर्ण सैन्य केंद्रों को सटीक निशाना बनाया था। इस हमले ने पाकिस्तानी डिफेंस की पोल खोल दी थी। अब एक साल बाद रावलपिंडी के जनरल मुख्यालय (GHQ) में मुनीर उसी हार को 'जीत' बताकर अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
भाषण में कश्मीर राग और खोखली धमकियां
आसिम मुनीर ने अपने भाषण में फिर से पुराना कश्मीर राग अलापा। उन्होंने कहा कि कश्मीर के बिना पाकिस्तान की कहानी अधूरी है और वे इसका राजनीतिक व कूटनीतिक समर्थन जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं होगा। असल में, पाकिस्तान इस वक्त गहरे आर्थिक संकट और आंतरिक अस्थिरता से जूझ रहा है, ऐसे में युद्ध की बात करना केवल जनता को भावनात्मक रूप से उलझाने का एक जरिया है।
जमीनी हकीकत बनाम पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा
मुनीर ने भले ही 'दर्दनाक जवाब' देने की बात कही हो, लेकिन सच्चाई यह है कि पिछले साल के संघर्ष में पाकिस्तानी सेना पूरी तरह बैकफुट पर थी। ब्रह्मोस मिसाइलों की रफ्तार और सटीकता के सामने पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम बौना साबित हुआ था। यही कारण है कि भारतीय रक्षा खेमे में मुनीर के इन बयानों को केवल एक 'गीदड़भभकी' के रूप में देखा जा रहा है।
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