जमानत मिली पर शर्तें सख्त, सोनम रघुवंशी की इंदौर एंट्री बैन
मेघालय/इंदौर: 'हनीमून हत्याकांड' की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत इस समय कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि सोनम को जेल से राहत मिल गई है, लेकिन कोर्ट ने उसकी आजादी पर ऐसी बेड़ियाँ लगा दी हैं कि वह इंदौर नहीं लौट सकेगी। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि गंभीर आरोपों के चलते उसे पूरी स्वतंत्रता नहीं दी जा सकती।
सख्त शर्तों के घेरे में आजादी
सोनम की जमानत के लिए कोर्ट ने जो सबसे कड़ी शर्त रखी है, वह है उसका शिलांग में ही प्रवास। वह बिना अदालती अनुमति के मेघालय की सीमा नहीं छोड़ सकती। इसके अलावा, उसे हर पेशी पर उपस्थित होना होगा और गवाहों या साक्ष्यों को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश पर उसकी जमानत तत्काल निरस्त कर दी जाएगी। यदि उसे इंदौर आना है, तो इसके लिए उसे पहले कानूनी प्रक्रिया के तहत विशेष अनुमति लेनी होगी।
जांच में चूक का मिला लाभ
इस हाई-प्रोफाइल मामले में सोनम की रिहाई का मुख्य कारण पुलिस की कार्यप्रणाली में रही कमियां बनीं। अदालत ने पाया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी को ठोस कारण नहीं बताए गए, जो संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। साथ ही, दस्तावेजों में धाराओं का विरोधाभास होने के कारण पुलिस का पक्ष कमजोर साबित हुआ, जिसका सीधा लाभ बचाव पक्ष को मिला।
‘एकादशी’ का विचित्र संयोग
इस हत्याकांड में 'एकादशी' का एक रहस्यमयी कनेक्शन भी जुड़ गया है। मृतक राजा रघुवंशी की हत्या जिस दिन हुई, वह एकादशी थी। परिवार में नए सदस्य का आगमन भी एकादशी को हुआ और अब सोनम की जमानत का आदेश भी एकादशी के दिन ही आया। इस संयोग ने सोशल मीडिया पर इस केस को लेकर और अधिक जिज्ञासा पैदा कर दी है।
शादी से खाई तक का सफर
बता दें कि इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी और सोनम की शादी मई में हुई थी। सुखद वैवाहिक जीवन की शुरुआत के लिए दोनों हनीमून पर निकले थे, लेकिन सफर का अंत भयावह रहा। मेघालय की एक गहरी खाई से राजा का शव मिलने के बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ था।
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