करोड़ों के सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़, मास्टर आईडी से चलता था खेल
कटनी| में पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। म्यूल अकाउंट से शुरू हुई जांच अब कई राज्यों तक फैले संगठित सट्टा कारोबार तक पहुंच गई है। माधवनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए योगेश बजाज के तार छत्तीसगढ़ के रायपुर जेल तक जुड़े पाए गए हैं। मास्टरमाइंड को रिमांड पर लेकर पूछताछ में करोड़ों रुपए के अवैध लेन-देन और बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।दरअसल, माधवनगर पुलिस ने पहले कटनी से योगेश बजाज समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सट्टा नेटवर्क की अहम कड़ियां सामने आईं। इसी आधार पर पुलिस छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित न्यू राजेंद्र नगर जेल पहुंची और आरोपी मनीष असरानी को 11 मार्च को रिमांड पर लेकर कटनी लाई।करीब छह दिनों की पूछताछ में मनीष असरानी ने कबूल किया कि वह मास्टर आईडी लेकर योगेश बजाज सहित कई लोगों को ऑनलाइन सट्टा संचालन के लिए आईडी उपलब्ध कराता था, जिसके जरिए करोड़ों रुपए का अवैध कारोबार संचालित हो रहा था।जांच में यह भी सामने आया कि सट्टे के पैसों के लेन-देन के लिए म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता था। ये ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिन्हें दूसरों के नाम पर खोलकर अवैध ट्रांजैक्शन किए जाते हैं, ताकि असली आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल हो सके। पुलिस ने अब तक 4 बैंक खातों में 3 करोड़ 24 लाख रुपए के लेन-देन का खुलासा किया है, जबकि साइबर टीम अन्य खातों की जांच में जुटी है। साथ ही 6 बैंक खातों को होल्ड पर भी डाला गया है।पुलिस ने योगेश बजाज, अवधेश गुप्ता, तरुण मोटवानी और मनीष असरानी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। टीआई संजय दुबे के मुताबिक, यह नेटवर्क मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा तक फैला हुआ है। मामले में ‘रोहित’ नामक एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए लगातार जांच कर रही है।
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