चुनाव से पहले राजनीति में अपराध पर बड़ा सवाल
पश्चिम बंगाल। चुनाव से पहले एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बड़ा खुलासा हुआ है. इस रिपोर्ट ने बंगाल की राजनीति को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक बंगाल के 47 प्रतिशत मौजूदा विधायकों के ऊपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. यह सिर्फ किसी एक पार्टी के विधायकों का डेटा नहीं है, बल्कि इसमें सभी पार्टियों के विधायक शामिल हैं. बंगाल चुनाव से ठीक पहले इस रिपोर्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. बंगाल में इस बार कुल दो चरणों में मतदान होगा, जिसका परिणाम 4 मई को आएगा।
क्या कहती है ADR रिपोर्ट?
ADR रिपोर्ट के मुताबिक, बंगाल के कुल 294 विधायकों में से 291 मौजूदा विधायकों द्वारा दिए गए हलफनामों की जांच-पड़ताल की, तो काफी चौंकाने वाले खुलासे हुए. 291 विधायकों में 136 विधायक यानी 47 प्रतिशत के ऊपर आपराधिक मामले चल रहे हैं. इतना ही नहीं 109 विधायकों के ऊपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. यह रिपोर्ट सिर्फ मौजूदा विधायकों के हलफनामे के आधार पर है।
8 विधायकों के ऊपर हत्या का मामला
रिपोर्ट के मुताबिक बंगाल के 294 विधायकों में 8 के ऊपर हत्या के मामले का जिक्र है, तो वहीं 29 विधायकों के ऊपर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है. महिलाओं के खिलाफ अपराध करने के मामले 22 विधायको पर तो वहीं दुष्कर्म से जुड़ा मामला भी एक विधायक के ऊपर दर्ज है. यानी कि गंभीर से गंभीर मामले भी विधायकों के ऊपर दर्ज हैं।
भाजपा विधायकों के ऊपर 66 प्रतिशत आपराधिक मामले
एडीआर के रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा मामले भले की टीएमसी के विधायकों के ऊपर दर्ज हों, लेकिन भाजपा के विधायकों के ऊपर 66 प्रतिशत मामले दर्ज हैं, जो टीएमसी से करीब 25 प्रतिशत ज्यादा है. यानी कि संख्या भले ही टीएमसी विधायकों की ज्यादा हो, लेकिन भाजपा का आपराधिक प्रतिशत काफी ज्यादा है. टीएमसी के कुल 223 विधायकों में से 92 यानी 41 प्रतिशत विधायकों के ऊपर आपराधिक मामले हैं, तो वहीं भाजपा के 64 विधायकों में से 42 विधायकों के ऊपर हलफनामें में आपराधिक मामलों का जिक्र है।
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