गुना पुलिस अधीक्षक पर सवाल, सदन में गरजीं प्रियंका पेंची
गुना|भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गुना से विधायक प्रियंका पेंची ने गुना के पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी पर क्षेत्र की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. विधायक ने कहा कि जनप्रतिनिधि द्वारा उठाए गए मामलों पर अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है|
‘SP को फोन करने पर अपेक्षित जवाब नहीं मिलता‘
विधायक प्रियंका पेंची ने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया. उनका कहना है कि जब भी वे क्षेत्र के नागरिकों की शिकायतों के संबंध में एसपी से फोन पर संपर्क करती हैं, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता या मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती. उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार तो फोन कॉल का भी जवाब नहीं दिया जाता. विधायक ने इस व्यवहार को जनप्रतिनिधि की गरिमा के विपरीत बताते हुए एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है|
CM ने विधानसभा में लिखित जवाब प्रस्तुत किया
इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में लिखित जवाब प्रस्तुत किया. जवाब में बताया गया कि विधायक द्वारा वर्ष 2025 में सात पत्र लिखे गए थे, जिनमें विभिन्न मामलों की जानकारी दी गई थी. इन पत्रों के संबंध में संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर अवगत कराया गया. जानकारी के अनुसार, दो मामलों में 20 जनवरी 2026 को सूचना दी गई, एक प्रकरण में 12 जनवरी को तथा अन्य मामलों में नवंबर और अक्टूबर 2025 में जानकारी उपलब्ध कराई गई थी|सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए सक्षम अधिकारियों से जानकारी लेने और अवगत कराने का अधिकार है. अधिकारियों को भी इस संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश हैं|हालांकि विधायक का कहना है कि कागजी जवाब और जमीनी हकीकत में अंतर है. उनके अनुसार, कई मामलों में कार्रवाई में देरी होती है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि क्षेत्र की समस्याओं का त्वरित समाधान है|
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