अनशन कर रहे किसानों को कलेक्टर ने जाकर पिलाया ज्यूस, सरकार ने मानी किसानों की मांग
इंदौर। इंदौर-बुधनी (Indore-Budhni) रेल लाइन (train line) को लेकर किए जाने वाले जमीन अधिग्रहण (Land acquisition) के विरोध में किसानों (farmers) द्वारा किया जा रहा आंदोलन कल समाप्त हो गया। देवास के कलेक्टर (Collector) ने जाकर अनशन कर रहे किसानों को ज्यूस पिलाया। सरकार द्वारा किसानों की अधिकांश मांगों को मान लिए जाने की घोषणा की गई है।
किसान नेता हंसराज मंडलोई ने बताया कि प्रभावित किसानों के लिए लगातार 2 महीने से चल रहा आमरण अनशन कल देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने समाप्त करवाया। उन्होंने अनशन कर रहे किसान रवि मीणा, संतोष छानवाल, मुंशी खां पठान को ज्यूस पिलाकर आमरण अनशन समाप्त करवाया एवं बताया कि आपकी अधिकांश मांगे सरकार स्वीकार कर रही है।
अब किसानों का जमीन पर छह माह से सालभर तक कब्जा बना रहेगा। धन तालाब से कलवार गांव तक रेलवे लाइन को सरकारी भूमि में से वाया डक्ट से ले जाने की रेलवे विभाग की रिपोर्ट का इंतजार रहेगा। इसके साथ ही जमीन की गाइडलाइन बढ़ाकर किसानों को चार गुना मुआवजा देने की मांग भी स्वीकार की गई है। इसके साथ में जिन किसानों के मकान या अन्य चीजों का नुकसान हो रहा है, उनका फिर से सर्वे करवाया जाएगा। सभी किसानों के खेत में मौजूद पाइप लाइन, पेड़-पौधों का भी फिर से सर्वे करवाया जाएगा। इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन के प्रभावित किसानों की एकजुटता एवं लगातार कई सालों से चल रहे संघर्ष का यह परिणाम है। आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा। इसके साथ ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी द्वारा भी इस आंदोलन को समर्थन देना किसानों के लिए फायदेमंद रहा। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल ने धरना स्थल पर पहुंचने के साथ इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा बुधनी से इंदौर तक पूरे प्रदेश के किसानों को लेकर पदयात्रा की तैयारी के कारण सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा।
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