SIR को लेकर आज संसद में गरमा सकता है माहौल, केंद्र की नजर दो अहम विधेयकों पर
नई दिल्ली: मानसून सत्र के दौरान संसद में लगातार गतिरोध के बीच केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में दो अहम विधेयकों राष्ट्रीय खेल संचालन विधेयक और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक को पारित कराने की कोशिश कर सकती है। विपक्ष की तरफ से बिहार में चल रही विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर चर्चा की मांग को सरकार की ओर से मंजूरी नहीं मिलने के कारण संसद में हंगामा जारी है। इस मुद्दे पर संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो रही है। विपक्षी दलों का आरोप है कि निर्वाचन आयोग (ईसी) की यह प्रक्रिया विपक्ष समर्थक मतदाताओं के नाम सूची से हटाने और एनडीए (भाजपा गठबंधन) के पक्ष में चुनावी फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है।
वहीं, निर्वाचन आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया देशभर में लागू की जाएगी, ताकि केवल योग्य मतदाता ही वोट डाल सकें और मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनी रहे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे ‘वोट चोरी’करार दिया है। ईसी ने शनिवार को उनके आरोपों को बेबुनियाद, बिना सबूत और भ्रामक बताया।
संसद में अब तक सिर्फ आतंकी हमले, आपरेशन सिंदूर पर चर्चा
21 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में अब तक संसद की कार्यवाही लगभग ठप रही है। केवल पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर ही दोनों सदनों में दो दिन तक चर्चा हो सकी। सरकार के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, अगर विपक्ष का विरोध जारी रहता है तो सरकार हंगामे के बीच ही विधेयकों को पारित कराने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
एसआईआर चुनाव आयोग का प्रशासनिक कार्य
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा है कि एसआईआर चुनाव आयोग का प्रशासनिक कार्य है और संविधान के मुताबिक, संसद को ईसी की कार्यप्रणाली पर चर्चा करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ का हवाला देते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर संसद में बहस नहीं हो सकती। रिजिजू ने कहा कि अगर संसद में चर्चा होती है, तो आमतौर पर संबंधित मंत्री जवाब देते हैं। लेकिन ईसी एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, उसका कोई मंत्री नहीं होता।
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