मध्य प्रदेश में 5 वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई, सरकार के सख्त रुख से हलचल
MP PWD- मध्यप्रदेश में 5 बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। इससे प्रशासकीय हल्कों में हड़कंप सा मचा है। राज्य के लोक निर्माण विभाग यानि पीडब्लूडी के अधिकारियों पर ये कार्रवाई की जा रही है। विभाग के मुख्य अभियंताओं की अलग अलग टीमों के औचक निरीक्षण में अनियमिताएं सामने आने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। पीडब्लूडी की 7 टीमों ने करीब 3 दर्जन निर्माण कार्यों का जायजा लिया था। इस दौरान गड़बड़ी पाई जाने पर विभागीय अधिकारियों ने छह ठेकेदारों को भी ब्लेक लिस्ट करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और उसमें सुधार के लिए माह में दो बार औचक निरीक्षण किया जाता है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर यह सख्ती की जा रही है। विभाग के मुख्य अभियंताओं की अलग अलग टीम मौके पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंचती है और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखती है।
23 जुलाई को इसी क्रम में मुख्य अभियंताओं के 7 दलों ने 35 कार्यों का औचक निरीक्षण किया। नर्मदापुरम, सिवनी, ग्वालियर, खरगोन, सीधी, उज्जैन और सागर जिलों में इस दौरान रैंडम आधार पर चयनित कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया।
मुख्य अभियंताओं की टीम से प्राप्त प्रतिवेदनों की मप्र सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। ऐसे में 5 वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए और कई अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किए।
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