अगर समय पर नहीं कराया ई-केवाईसी, तो बंद हो जाएगी गैस सब्सिडी
ग्वालियर: घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी पाने के लिए गैस कंपनियों ने ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है, लेकिन उपभोक्ता इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। ग्वालियर में तीन गैस कंपनियों की 40 एजेंसियों पर करीब 5 लाख 44 हजार ग्राहक हैं, लेकिन अभी तक इनमें से सिर्फ 45 फीसदी ने ही ई-केवाईसी कराई है। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले ग्राहकों को सब्सिडी नहीं मिलेगी और उनका कनेक्शन भी सस्पेंड किया जा सकता है।
उपभोक्ता नहीं ले रहे रुचि
ई-केवाईसी की प्रक्रिया करीब 8 महीने से चल रही है। गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी कराने का अनुरोध कर रही हैं। साथ ही मोबाइल पर ई-केवाईसी कराने के मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। इसके बावजूद उपभोक्ता इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ताओं को आधार, गैस डायरी और मोबाइल लेकर उस गैस कंपनी की एजेंसी में जाना होगा, जिसका सिलेंडर उन्होंने लिया है। वहां बायोमेट्रिक के जरिए ई-केवाईसी की जाएगी।
ई-केवाईसी के लिए यह जरूरी
इसमें ग्राहकों के फिंगर प्रिंट स्कैनर और फेस आईडी से ई-केवाईसी की जा रही है। ई-केवाईसी के लिए आधार कार्ड और गैस उपभोक्ता नंबर जरूरी है। जिन उपभोक्ताओं के नाम पर कनेक्शन है, उनके लिए यह जरूरी है। इसके अलावा जो लोग एजेंसी नहीं जाना चाहते, वे ऑनलाइन भी ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा।
उपभोक्ताओं की पहचान करना है मुख्य उद्देश्य
गैस कंपनियों द्वारा ई-केवाईसी कराने का मुख्य उद्देश्य सही उपभोक्ताओं की पहचान करना है। कई ऐसे उपभोक्ता हैं, जो अपना पता छोड़कर दूसरी जगह चले गए हैं, लेकिन उनका कनेक्शन कोई और इस्तेमाल कर रहा है।
ई-केवाईसी हर ग्राहक के लिए जरूरी
ई-केवाईसी हर एलपीजी ग्राहक के लिए जरूरी है। शहर में इंडेन गैस कंपनी के 3 लाख 72 हजार ग्राहक हैं, जिनमें से अभी तक सिर्फ 36 फीसदी ग्राहकों ने ही ई-केवाईसी कराई है। - श्यामानंद शुक्ला, संयोजक ग्वालियर-चंबल एलपीजी महासंघ
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