कोरोना की तीसरी लहर की आहट और लॉकडाउन लगने के डर से व्यापारी ने खाया जहर

छतरपुर: कोरोना वायरस के नए वेरिएंट की दहशत के बीच तीसरी लहर आने की आशंका बढ़ गई है। इस सच से मुंह नहीं फेरा जा सकता कि पहली और दूसरी लहर से हर आम आदमी से लेकर व्यापारी वर्ग को आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ा। ऐसे में तीसरी लहर की आहट के डर इस कदर हावी हो गया है कि लोग जान देने पर उतारू हो गए हैं। ऐसा ही एक मामला छतरपुर में सामने आया है जहां कोरोना वायरस की तीसरी लहर और लॉकडाउन के डर से व्यापारी ने खाकर जान देने का प्रयास किया है जिसे परिजन गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे हैं जहां उसका इलाज चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक मातगुवां थाना क्षेत्र के ग्राम खड़गांय निवासी कपड़ा व्यापारी अंशुल शर्मा पिता विनय शर्मा ने जहर खाकर जान देने का प्रयास किया है। परिजनों को इस बात का पता चला तो वे उसे समय रहते अस्पताल ले गए। अन्यथा कोई अनहोनी हो जाती। अंशुल के अनुसार, वह गांव में ही कपड़े की दुकान रखे हुए है साथ ही हाट-बाजार करने अन्य गांवों में भी बंजी/बजार करने बेचने के लिए जाता है। लेकिन पहले नोटबंदी फिर पहला कोरोना कॉल और लॉकडाउन फिर दूसरा कोरोना और लॉकडाउन में उसका काम धंधा ठप्प हो गया। 2 साल पहले ही उसकी शादी मंजूलता से हुई थी जिससे उनकी अभी 2 माह की बेटी भी है उसकी परवरिश की चिंता और पूर्व के नुकसान ने उसे अंदर तक हिला कर और झकझोर कर रख दिया था।

अब थोड़ी राहत मिली थी। काम पटरी पर आ ही रहा था कि फिर से कोरोना की तीसरी लहर और लॉकडाउन की चिंता ने उसे तोड़ कर रख दिया। वह पहले से ही भारी नुकसान में है। ऐसे में उसके सारे रास्ते बंद हो गए। इसलिए उसने चूहा मार दवाई खाकर जान देने की कोशिश की।