वन विभाग के ही ऑफिस के पास पकड़ा गया जू से भागा तेंदुआ, बड़ा सवाल लापरवाही किसकी?

इंदौर: पिछले दिनों इंदौर के चिड़ियाघर से रहस्यमयी तरीके से लापता हुए तेंदुए को आखिरकार जू प्रशासन और वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। तेंदुए को वन विभाग के नवरत्न बाग़ स्थित आफिस परिसर के पास से ही पकड़ा गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्क्त और कई उपकरणों की सहायता से दोनों विभाग ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर उस तेंदुए को जाल की सहायता से पकड़ा, जिसके बाद उसे इंजेक्शन के सहायता से काबू लाया गया और ज़ू की टीम इस तेंदुए को लेकर वन विभाग से चिड़ियाघर लेकर पहुंची।

जहां उसका प्राथमिक उपचार शुरू हुआ। 8 महीने की मादा तेंदुआ को पकड़ने के लिए करीब 5 दिन यानी 120 घंटे का सर्चिंग ऑपरेशन चलाया गया। उसके बाद अब जाकर कही सफलता हासिल हुई है। वन विभाग के ccf ने सुबह जू प्रभारी को फोन पर सूचना दी कि तेंदुआ नवरत्न बाग के पास ही है अपनी टीम के साथ आ जाओ और वह टीम के साथ उसका रेस्क्यू करने पहुंचे और जाल बिछा कर उसे पकड़ लिया गया

यह गनीमत रही कि 8 माह के मादा तेंदुआ ने रिहायशी इलाके में किसी के ऊपर हमला नहीं किया। वह पिछले 5 दिनों से भूखी थी और शारीरिक रूप से कमजोर भी हो गई थी। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि ज़ू से एकाएक गायब हुआ तेंदुआ आख़िरकार करीब 2 किलोमीटर दूर वन विभाग कैसे पहुंच गया और उसे किसी ने देखा कैसे नहीं और वो वन विभाग के दफ्तर ही क्यों पहुंचा। पिछले दिनों वन मंत्री विजय शाह ने बयान दिया था कि 11 तारीख को इस पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जाएगी और जिस की लापरवाही होगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी अब देखना यह होगा कि वन मंत्री विजय शाह किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं किसके ऊपर करते है?

आपको बता दें कि 5 दिन पहले तेंदुए को बुरहानपुर के जंगलों से घायल अवस्था में इंदौर के चिड़ियाघर में लाया गया था। उसे दूसरे पिंजरे में शिफ्टिंग के लिए रखा गया था लेकिन जब कर्मचारी उसकी शिफ्टिंग के लिए पिंजरे में गया तो उसके भी होश उड़ गए। जू प्रभारी के मुताबिक़ बारिश से बचाव के लिए पिजरे पर कपड़ा डाला गया था लेकिन तेंदुआ पिंजरे से किस तरह गायब हुआ ये एक रहस्य बना हुआ है।