छत्तीसगढ़ में मांगों को लेकर तीन हजार पुलिस परिवार के सदस्यों को मुख्यालय घेरने से पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर पुलिस परिवार के सदस्य अपनी जायज मांगों को लेकर सड़क पर उतरें। पुलिस विभाग में सबसे निचले स्तर के कर्मचारियों के परिवारवाले सोमवार को पुलिस मुख्यालय का दोपहर 12 बजे के बाद रायपुर में पुलिस मुख्यालय का घेराव करने से पहले पुलिस परिवार के लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कर सभी को माना थाना और कुछ लोगों को सप्रे शाला में ले गई। । माना जा रहा हैं कि इस आंदोलन में लगभग तीन हज़ार पुलिसकर्मी के परिवार के सदस्य आंदोलन में शामिल हैं।

पिछली सरकार से वर्तमान सरकार में भी आरक्षक वर्ग के परिवार वाले प्रदर्शन में शामिल हुए। उनकी मांग अभी तक किसी ने नहीं सुनी है। पुलिस परिवार से जुड़े उनके नेता नवीन राव ने बताया कि सोमवार को राज्य के अलग-अलग जिलों से करीब तीन हजार पुलिस परिवार के सदस्य आंदोलन में शामिल होने रायपुर पहुंचे थे।

पुलिस विभाग की नौकरी छोड़कर पुलिस वालों के लिए काम करने वाले उज्जवल दीवान ने बताया कि पुलिस विभाग के तृतीय श्रेणी के कर्मचारी, जिला तथा सशस्त्र बल के जवानों के साथ ट्रेड सहायक, आरक्षक, गोपनीय, नगर सैनिकों तथा जेल प्रहरी के परिवार से जुड़े लोग आंदोलन में शामिल होने रायपुर पहुंच चुके हैं। पुलिस परिवार के सदस्य नवा रायपुर स्थिति अटल पार्क में उपस्थित होंगे। इसके बाद अपनी मांगों को लेकर पुलिस मुख्यालय का घेराव करने निकलेंगे । उज्जवल दीवान ने बताया कि उनको जानकारी मिली है कि जबरन पुलिस परिवार के सदस्यों को रोका जा रहा हैं ताकि आंदोलन को कमजोर किया जाए ।

यह हैं मांग

पुलिस परिवार से जुड़े लोगों की मांग है कि निचले स्तर के पुलिसकर्मियों शोषण पूरी तरह से बंद हो, इसके साथ ही उनसे पुलिस अफसरों द्वारा जो घरेलू तथा अपने निजी कार्य कराए जाते हैं, उस पर रोक लगाई जाए। वेतन विसंगति दूर करने के साथ अन्य सरकारी विभाग के कर्मचारियों को जो सुविधाएं मिलती हैं, उस तरह की सुविधाएं निचले स्तर के पुलिसकर्मियों को भी दी जाए। साथ ही पुलिस परिवार की सबसे बड़ी मांग है पुलिसकर्मियों को अनिवार्य रूप से साप्ताहिक अवकाश देने के साथ काम का समय निर्धारित किया जाए।