तंजानिया से दिल्‍ली आए यात्री में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की पुष्टि, लोकनायक अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन का पहला मरीज सामने आया है। दिल्‍ली के लोकनायक अस्पताल में भर्ती ये व्‍यक्ति तंजानिया से आया था। जांच के दौरान इस यात्री में कोरोना के नए दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन ओमिक्रोन की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही देश में ओमिक्रोन संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। दिल्ली में मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और इस मरीज के संपर्क में आए सभी लोगों को पूरी तरह आइसोलेट कर दिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि विदेश से आने वाले 12 यात्रियों की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच में सिर्फ एक यात्री में ही नया वैरिएंट मिला, जबकि 11 यात्रियों में नया वैरिएंट नहीं मिला है। खतरे वाले देशों से शनिवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे सात और कोरोना संक्रमित यात्रियों को लोकनायक अस्पताल भेजा गया था। इससे अस्पताल में विदेश से आने वाले कोरोना संक्रमितों की संख्या 19 हो गई है।

इनमें पहले से भर्ती 12 संक्रमितों की जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट आ चुकी है। बाकी अन्य सात की जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सैम्पल लिए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट तीन दिन बाद आएगी। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, यहां भर्ती 19 संक्रमितों में कुछ महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सभी को विशेष वार्ड के अलग-अलग कमरों में रखा गया है। जहां इनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।

दिल्ली में ओमिक्रान का पहला मामला

देश में ओमिक्रान के मामले सबसे पहले कर्नाटक में 2, गुजरात में 1 और मुंबई में एक मामला सामने आया था। लेकिन रविवार को दिल्ली में एक नया मामला मिला है। कर्नाटक में मिले मरीजों की उम्र 66 और 46 साल है। दोनों में हल्के लक्षण हैं और दोनों दक्षिण अफ्रीका से लौटे थे जबकि गुजरात में 72 साल के एक मरीज में ओमीक्रॉन वैरिएंटी की पुष्टी हुई है। ये मरीज जिम्बाब्वे से लौटा था। वहीं मुंबई में भी साउथ अफ्रीका और दुबई से होते हुए आया शख्स ओमिक्रोन से संक्रमित मिला है। जबकि दिल्ली में तंजानिया से आए व्यक्ति में नया वैरिएंट मिला है।

  • तंजानिया से लौटने वाले ने गले में खराश, कमजोरी और शरीर में दर्द का अनुभव किया। उसकी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। हालांकि उसने COVID19 वैक्सीन की दोनों खुराक ली थीं, जिसके कारण उनमें हल्के लक्षण थे। डा. सुरेश कुमार एमडी, एलएनजेपी अस्पताल दिल्ली