शिवराज का मास्टर स्ट्रोक: MP में पेसा एक्ट लागू, आदिवासियों पर दर्ज केस भी होंगे वापस

इंदौर: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने टंट्या मामा के बलिदान दिवस के अवसर पर मास्टर स्ट्रोक खेला है। शिवराज ने घोषणा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में पेसा एक्ट लागू होगा। यही नहीं प्रदेश में आदिवासी लोगों पर लगे सभी केस वापस लिए जाएंगे।

क्या है पेसा एक्ट?
आपको बता दें कि पेसा एक्ट के तहत स्थानीय संसाधनों पर स्थानीय अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों की समिति को अधिकार दिए जाएंगे। जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति वाली ग्राम पंचायतों को सामुदायिक संसाधन जैसे जमीन, खनिज संपदा, लघु वनोपज की सुरक्षा जैसे तमाम अधिकार दिए जाएंगे। इस एक्ट के लागू होने के बाद सामुदायिक वन प्रबंधन समितियां वर्किंग प्लान के अनुसार, हर साल माइक्रो प्लान बनाएंगे, उसे ग्राम सभा से अनुमोदित कराएंगे।

आदिवासियों की मिली बड़ी राहत .. 
पेसा एक्ट लागू करने का मुख्य उद्देश्य आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में स्वशासन को मजबूती देना है। आपको बता दें कि देश के 10 राज्यों में यह एक्ट लागू है लेकिन मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में यह पूरी तरह से लागू नहीं हुआ है। लेकिन अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में पेसा एक्ट को पूरी तरह से लागू कर आदिवासियों को बड़ी राहत दी है।