श्रीलंका में बड़े इलाके में गुल हुई बिजली, पुलिस ने जांच शुरू की

कोलंबो। श्रीलंका के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को बड़े क्षेत्र में अचानक बिजली गुल होने से की पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं। ध्यान देने की बात है कि हाल के दिनों में श्रीलंका और चीन के संबंधों में काफी खटास आ गई है। शुक्रवार सुबह पूरे देश में बिजली गुल हो गई। श्रीलंका की सबसे बड़ी बिजली कंपनी सीलोन इलेक्टि्रसिटी बोर्ड (सीईबी) ने कहा कि बहाली के काम में घंटों लगेंगे। हालांकि कुछ इलाकों में कुछ ही घंटों में सेवाएं बहाल हो गईं।

राज्य बिजली इकाई ने कहा कि पुलिस को इस बात की जांच करने के लिए कहा गया है कि क्या द्वीप में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती का कारण तोड़फोड़ थी। सीईबी के महाप्रबंधक एम आर मनातुंगा ने कहा कि बिजली व्यवधान को सीईबी इंजीनियरों के संघ द्वारा तोड़फोड़ का काम माना जा रहा है। यह संघ एक अमेरिकी कंपनी के साथ ऊर्जा सौदे का विरोध कर रहा है।राजधानी कोलंबो के ठीक बाहर युगदानवी पावर प्लांट पर अमेरिका स्थित न्यू फोर्टेस एनर्जी इंक. के साथ प्रस्तावित समझौते पर सरकार को राजनीतिक और ट्रेड यूनियन प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है।

उल्लेखनीय है कि चीन ने श्रीलंका में हाइब्रिड एनर्जी सिस्‍टम परियोजना के निर्माण पर रोक लगा दी है। ये हाइब्रिड एनर्जी सिस्‍टम भारत के करीब स्थित तीन उत्‍तरी द्वीपों पर बनाए जाने थे। इससे पहले जनवरी में भारत ने श्रीलंका से चीनी कंपनी को सोलर पावर प्‍लांट बनाए जाने का ठेका दिए जाने पर विरोध दर्ज कराया था। श्रीलंका ने हाल ही में कोलंबो बंदरगाह पर ईस्‍ट कंटेनर डिपो के निर्माण का ठेका चीन की कंपनी को दिया

चीनी दूतावास की ओर से जारी किए गए बयान के अनुसार, साइनो सोर हाइब्रिड टेक्‍नालॉजी ने तीसरे पक्ष के सुरक्षा चिंता जताए जाने के बाद उत्‍तरी द्वीपों पर हाइब्रिड एनर्जी सिस्‍टम बनाने के काम को रद कर दिया है। इसी कंपनी ने मालदीव के साथ 12 द्वीपों पर सोलर पावर प्‍लांट बनाने का 29 नवंबर को एक करार किया है।