चीन को जवाब देने की कैसी है भारत की तैयारी, जानें- भारतीय नौसेना चीफ एडमिरल हरि की जुबानी

नई दिल्‍ली। चीन की नौसेना के आधुनिकीकरण पर भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल हर‍ि कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि हम इस बात को जानते हैं कि चीन ने अपनी नेवी के लिए बीते कुछ वर्षों में करीब 110 युद्धपोतों को निर्माण किया है। साथ ही उन्‍होंने देश को विश्‍वास दिलाया भारतीय नौसेना अपनी देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने के लिए हर वक्‍त पूरी तरह से तैयार है। उन्‍होंने ये भी कहा कि भारत अपने समुद्री हितोंं की रक्षा करना बखूबी जानता है। ये बातें उन्‍होंने नेवी डे 2021 के मौके पर पत्रकारों से कही हैं।

उन्‍होंने ये भी कहा कि चीन को जवाब देने के लिए भारत भी अपनी तैयारी में जुटा है। भारतीय नौसेना प्रमुख के मुताबिक नौसेना के लिए करीब 39 युद्धपोत और सबमरीन का निर्माण हो रहा है। इनमें से 37 का निर्माण भारत में मेक इन इंडिया के तहत किया जा रहा है और ये आत्‍मनिर्भर भारत की तरफ हमारी खोज को दर्शाता है। एडमिरल हरि ने इस दौरान नेवी को अत्‍याधुनिक बनाने और उसकी ताकत बढ़ाने का दस वर्ष के प्‍लान की भी जानकारी साझा की।

उन्‍होंने ये भी कि डिपार्टमेंट आफ मिलिट्री अफेयर्स का गठन आजाद भारत में अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री सुधार होगा। इससे पहले भारत में सीडीएस पद का गठन किया गया था, जो इसी दिशा में उठाया गया एक कदम था। इसके गठन से तेजी से फैसले लेने में मदद मिलेगी और इससे फैसले लेने में ब्‍यूरक्रेसी की प्रक्रिया को भी कम करने में मदद मिलेगी।

सूचनाओं के लीक किए जाने वाले मामले पर उठे सवाल पर एडमिरल हरि ने कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है और फिलहाल जांच जारी है। इसके अलावा नेवी भी इस मामले की जांच कर रही है। इसलिए फिलहाल इस बारे में किसी तरह की टिप्‍पणी जल्‍दबाजी होगी। आपको बता दें कि एडमिरल हरि ने कुछ ही दिन पहले नौसेना प्रमुख का पदभार ग्रहण किया है।

नौसेना में महिलाओं की भूमिका पर उन्‍होंने कहा कि भारतीय नौसेना में शामिल महिलाओं को अधिक अवसर दिए जाएं इस बार आगे बढ़ा जा रहा है। भारतीय नौसेना महिलाओं को शामिल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उनकी ये भूमिका अलग-अलग होगी। पहले ही 28 महिलाओं की नियुक्ति युद्धपोत और एयरक्राफ्ट करियर आईएनएस विक्रमादित्‍य पर की जा चुकी है।

कोविड-19 की चुनौतियों को देखते हुए नेवी के अस्‍पतालों में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। नेवी की तरफ से इस महामारी को लेकर जारी एसओपी में कोई राहत देने की योजना फिलहाल नहीं है। हमें ये भी देखना है कि हमारी आपरेशनल कैपेबिलिटी इससे प्रभावित न हो। उन्‍होंने कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन पर पूछे सवाल के जवाब में कहा कि इसके खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

एडमिरल हरि ने कहा कि पूरी दुनिया में फैली कोरोना महामारी के बाद भी भारतीय नौसेना ने खुद को हर बुरे वक्‍त के लिए तैयार रखा और अपने समुद्री इलाके में कुछ गलत नहीं होने दिया। देश की उत्‍तरी सीमा पर जब तनाव बढ़ा तो कोविड-19 का सामना करते हुए भी भारतीय नौसेना हर तरह के हालात के लिए पूरी तरह से तैयार रही।