इंदौर जिले की बांक पंचायत में कोरोना से 12 में से 8 की मौत, बीमारी छिपा रहे लोग

 इंदौर। वैसे तो इंदौर जिले की 312 ग्राम पंचायतों में से 245 में कोरोना संक्रमण फैल चुका है, लेकिन डेढ़ दर्जन गांव और पंचायतें कोरोना के लिहाज से हाट स्पाट बन चुकी हैं। इन गांवों-पंचायतों में 40 से लेकर 250 या इससे भी अधिक कोरोना संक्रमित हैं। यहां कोरोना से मौतें भी हुई हैं। ऐसे गांवों में महू विकासखंड के कोदरिया, गवली पलासिया, गूजरखेड़ा, किशनगंज, उमरिया, राजपुरा कुटी, हासलपुर, हरनियाखेड़ी, इंदौर विकासखंड के तिल्लौर खुर्द, दूधिया और सांवेर विकासखंड के मांगलिया, पालिया, बुढ़ानिया पंथ, कुड़ाना हैं। कोरोना ने सबसे ज्यादा नुकसान बांक पंचायत का किया है। यहां संक्रमितों की संख्या तो केवल 12 है, लेकिन इनमें से 8 लोगों की मौत हो चुकी है

बांक पंचायत धार रोड पर चंदन नगर से जुड़ी है। यहां की जनसंख्या 18 हजार से अधिक है। यहां आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सर्वे तो कर रही हैं, लेकिन कई लोग बीमार होने के बाद भी छिपा रहे हैं। इसी कारण यहां न तो सैंपलिंग ठीक से हो पा रही है और न ही उपचार ही ठीक से हो रहा है। पंचायत के पूर्व सरपंच सोहराब पटेल बताते हैं हम लोगों को सैंपलिंग व उपचार के लिए जागरूक कर रहे हैं। मौतों की बात करें तो गूजरखेड़ा में 4, हासलपुर में 2, दूधिया में 1, नेवरी और मूरखेड़ा में 2-2 मौतें हुई हैं।

शासकीय आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना से 53 मौतें हुई हैं, लेकिन कई मौतें ऐसी भी हैं जो कोरोना से होना बताई जा रही हैं, लेकिन इन लोगों की न तो जांच हुई, न ही रिकार्ड में लिया गया। ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना के रिकार्ड संधारण का काम ही 6 अप्रैल से शुरू हो पाया है।

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