जबलपुर के लिए एक टैंकर लेकर आज आई आक्सीजन एक्सप्रेस

जबलपुर। आक्सीजन की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इन दिनों लगातार रेलवे द्वारा जबलपुर और सागर के लिए आक्सीजन टैंकर मंगवाए जा रहे हैं। अभी तक चार बार यह एक्सप्रेस जबलपुर आ चुकी है। अब पांचवी बार यह एक्सप्रेस बुधवार सुबह जबलपुर के भेड़ाघाट रेलवे स्टेशन आई। मंगलवार को आक्सीजन के दो टैंकर लेकर यह एक्सप्रेस बोकारो रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। यह आज सुबह जबलपुर के भेड़ाघाट रेलवे स्टेशन पहुंची।

गौरतलब है कि दो टैंकर में से एक टैंकर जबलपुर लाया गया और दूसरा सागर के मकरोनिया रेलवे स्टेशन पहुंचया गया। इस ऑक्सीजन एक्सप्रेस के 02 टैंकरों में 22.75 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) भरी है।

दरअसल भारतीय रेलवे द्वारा संचालित आक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों के माध्यम से देश भर में कोविड-19 मरीजों के लिए पर्याप्त मेडिकल आक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है। भारतीय रेलवे ने विभिन्न राज्यों में लिक्विड मेडिकल आक्सीजन (LMO) पहुंचाकर लोगों को राहत दिलाने की अपनी यात्रा को जारी रखते हुए। भारतीय रेलवे ने अब तक देश भर के विभिन्न राज्यों के लिए 27 आक्सीजन एक्सप्रेस से 103 टैंकरों में 1547 मीट्रिक टन लिक्विड आक्सीजन पहुंचाया है। इसके अलावा भारतीय रेलवे द्वारा अनुरोध करने वाले राज्यों को कम से कम समय में अधिक से अधिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाने का प्रयास है।

1016 किमी का सफर तय करेगी यह ट्रेन :

ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने बोकारो से मकरोनिया (सागर) तक के लिए 1100 किलोमीटर और भेड़ाघाट (जबलपुर) तक के लिए 1016 किलोमीटर की दूरी तय की।

आरपीएफ के जवान चल रहे साथ:

रेलवे इस एक्सप्रेस को चलाने के लिए खास सतर्कता बरत रही है। इसे जिस रूट से ले जाया जा रहा है, उसे रेलवे ने ग्रीन कॉरीडोर बनाया गया है। इस ट्रेन के साथ अनुभवी ड्राइवर और आरपीएफ के जवान साथ चल रहे हैं । इसके साथ ही रेलवे ने लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन के ओवर डायमेंशन कंसाइनमेंट (ODC) होने के कारण इस कंटेनर के क्रायोजेनिक लोड होने की वजह से रेलवे द्वारा इसकी गति और त्वरण (एक्सेलेरेशन) का विशेष ध्यान दिया जाता है। यह ऑक्सीजन एक्सप्रेस बोकारो से कोटशीला, झारसुगुड़ा, बिलासपुर, न्यू कटनी से सागर और जबलपुर पहुँची।

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