छत्तीसगढ़ में सात दिन में घट गई 50 टन आक्सीजन की खपत

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से कम हो रही है। प्रदेश में एक्टिव मरीज और नए मरीजों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। संचालक एपिडेमिक कंट्रोल डा. सुभाष मिश्रा ने बताया कि कोरोना के नए मामलों में छत्तीसगढ़ 13वें स्थान पर आ गया है

पहले स्थान पर महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली, राजस्थान, बिहार हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ का नंबर है। इसके साथ ही एक्टिव केस के मामले में प्रदेश आठवें स्थान पर है। छत्तीसगढ़ में मेडिकल आक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

कोरोना संक्रमण एवं उपचार की स्थिति बेहतर होने से मेडिकल आक्सीजन की आवश्यकता भी लगातार कम हो रही है। छत्तीसगढ़ में जहां 26 अप्रैल को 169 टन, 27 अप्रैल को 155 टन, 28 अप्रैल को 149 टन, 29 अप्रैल को 114 टन, 30 अप्रैल को 130 टन, एक मई को 97 टन और दो मई को 104.72 टन मेडिकल आक्सीजन की खपत हुई है। छत्तीसगढ़ में उत्पादित मेडिकल आक्सीजन अन्य राज्यों के कोरोना पीड़ितों के लिए संजीवनी का काम कर रही है।

कोरोना नियंत्रण के लिए 6.29 लाख लोगों को दी गई दवा किट

प्रदेश में छह लाख 29 हजार 268 संदिग्ध मरीजों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाइयों की किट वितरित की गई है। विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले व्यक्तियों के त्वरित इलाज और उन्हें गंभीर स्थिति में पहुंचने से बचाने के लिए मितानिनों एवं सर्विलेंस टीमों द्वारा दवाइयों की किट उपलब्ध कराई जा रही है। इस किट में आइवरमेक्टिन, डाक्सीसाइक्लिन, पैरासिटामाल, विटामिन-सी और जिंक की टैबलेट शामिल हैं। कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों को दवा किट उपलब्ध कराने के कई जिलों में अच्छे परिणाम आए हैं और वहां संक्रमण की दर में गिरावट आई है।

बाहरी राज्यों से आने वालों को क्वारंटाइन रहना जरूरी

अन्य राज्यों से आने वाले लोगों, प्रवासी श्रमिकों को अनिवार्य रूप से क्वारंटाइन सेंटर में ठहराने और उनका कोरोना टेस्ट कराना होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य के कई ग्रामीण इलाकों में अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों एवं लोगों के संक्रमित होने की जानकारी मिल रही है। उन्हें गांव के बाहर स्थापित क्वारंटाइन सेंटर में कुछ दिनों के लिए अनिवार्य रूप से ठहराया जाए। रिपोर्ट नेगेटिव होने पर ही उन्हें गांव एवं घर परिवार में जाने की अनुमति दी जाए।

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