उन्नाव में मत कम निकलने पर प्रत्याशियों का हंगामा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना रविवार को सुबह शुरू होने के बाद रात तक जारी रही। कोविड प्रोटोकॉल के तहत इस बार शारीरिक दूरी का पालन तथा मतगणना केंद्र में कम कर्मियों की मौजूदगी के कारण काफी विलंब हो रहा है।

प्रदेश के 829 केंद्रों पर मतगणना हो रही है। जिला पंचायत सदस्य के 3050 पदों के लिए 44307 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनके साथ ही क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों पर 3,42,439 प्रत्याशी मैदान में है। प्रधान पद के लिए 4,64,717 तथा ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लिए 4,38,277 उम्मीदवार चुनाव में हैं।

मतगणना अभी भी जारी है और आज यानी सोमवार दोपहर बाद भी सभी परिणाम आने की उम्मीद है। इससे पहले रविवार को जो नतीजे आए थे, उनमें 16510 ग्राम प्रधान, 12358 ग्राम पंचायत सदस्य तथा 35812 क्षेत्र पंचायत सदस्य भी विजयी हो गए हैं।

उन्नाव में मत कम निकलने पर प्रत्याशियों का हंगामा: उन्नाव के अचलगंज के मतगणना केंद्र में मत पत्र की गिनती के दौरान सिंकदरपुर कर्ण की बंथर ग्राम पंचायत में प्रधान प्रत्याशी के 104 मत कम निकले। इस पर प्रत्याशियों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर एडीओ पंचायत शैलेन्द्र त्रिपाठी, नयाब तहसीलदार रजनीश बाजपेयी ने मौके पर पहुंचकर जांच करने की बात कही। अवधेश तिवारी निवासी बंथर ने बताया कि बंथर के वार्ड 2 में 244 में से 140 मत पड़े थे। बॉक्स खुलने के बाद उसमें 104 मत निकलने से प्रत्याशियों ने हंगामा शुरू कर दिया। बंथर में प्रधान पद के 6 प्रत्याशी ने अपना नामांकन कराया था।

मैनपुरी में भाजपा को झटका, चुनाव हारी संध्याय यादव : मैनपुरी में भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरीं सपा सरंक्षक मुलायम सिंह यादव की भतीजी संध्या यादव जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गई हैं। वह सैफई के परिवार से विद्रोह कर भाजपा में शामिल हुई थीं। संध्या यादव बदायूं से समाजवादी पार्टी के सांसद रहे सांसद धर्मेंद्र यादव की बहन हैं। भाजपा ने सैफई परिवार में सियासी सेंध लगाने में तो सफलता प्राप्त कर ली, लेकिन उनकी प्रत्याशी चुनावी मैदान में टिक नहीं सकीं। संध्या यादव ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी के तौर पर मैनपुरी जिला पंचायत के वार्ड 18 से चुनाव लड़ा था। सपा ने भी उनके सामने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा था। सपा के इस दांव ने भाजपा की रणनीति को ढेर कर दिया।

सपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार ने संध्या यादव को 1907 वोटों के अंतर से पराजित किया है। जिला पंचायत चुनाव में संध्या यादव के चुनाव पर सबकी निगाह थी। बीते लोकसभा चुनाव से पहले संध्या यादव के पति अनुजेश यादव ने भाजपा का दामन थाम लिया था। परंतु मुलायम की भतीजी और पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की सगी बहन संध्या यादव ने पिछले दिनों तक कभी खुद भाजपा में जाने की पुष्टि नहीं की थी। जिला पंचायत चुनाव से पहले भाजपा ने उनको वार्ड 18 से समर्थित प्रत्याशी घोषित कर सबको चौंका दिया था। संध्या यादव पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भी हैं, ऐसे में चुनाव जीतने की सूरत में उनको भाजपा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का भी मजबूत दावेदार माना जा रहा  था। परंतु सपा ने इस बगावत का जवाब देने के लिए पूरी ताकत झोंकी। सपा ने संध्या यादव के सामने प्रमोद कुमार को मैदान में उतारा था। प्रमाेद यादव ने क्षेत्र में सपा की प्रतिष्ठा की दुहाई दे प्रचार किया था। जिसके बाद लोगों का समर्थन उनको हासिल हुआ। रविवार रात को मतगणना हुई तो प्रमोद यादव को 7905 वोट हासिल हुए। जबकि संध्या यादव 5998 वोट प्राप्त कर दूसरे स्थान तक ही पहुंच सकीं। मैनपुरी में जिला पंचायत के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने अपना परचम लहराया है। मैनपुरी की 30 जिला पंचायत सदस्य की सीट में समाजवादी पार्टी पांच जीत चुकी है, जबकि 11 पर आगे चल रही है। भाजपा ने यहां पर दो सीट जीती है और चार पर आगे है। बसपा का खता भी नहीं खुला है।

जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा को बढ़त: जिला पंचायत सदस्य की 3050 सीटों पर मतगणना जारी है। इसमें भाजपा को काफी बढ़त मिली है। भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी 172, समाजवादी पार्टी के 139, बहुजन समाज पार्टी व कांग्रेस के 40-40 और निर्दलीय प्रत्याशी 87 सीटों पर आगे चल रहे हैं।

डकैत राधे उर्फ सूबेदार सिंह का बेटा अरिमर्दन सिंह बना प्रधान: चित्रकूट तथा पास के क्षेत्र में पहले मतदान नहीं होता था और बाहुबली के फरमान पर ही प्रधान तय होते थे। इस बार ऐसा नहीं है। इस बार सभी पद के लिए मतदान हुआ है। चित्रकूट में डकैत शिवकुमार पटेल उर्फ ददुआ के दाहिने हाथ रहे और वर्तमान में जेल में बंद डकैत राधे उर्फ सूबेदार सिंह के बेटे अरिमर्दन सिंह ने शीतलपुर तरौंहा ग्राम पंचायत में प्रधान पद का चुनाव जीत लिया। प्रतिद्वंद्वी अरविंद  सिंह को 22 मतों से हराया।

उसे 192 वोट मिले, जबकि अरविंद ने 170 वोट पाए। मानिकपुर और मऊ तहसील क्षेत्र की करीब 110 पंचायतों में चुनाव अबकी बार डकैतों से मुक्त हो गया है। यहां लोकतंत्र की जीत हुई। पहली बार डकैतों के फरमान के बिना जनता ने अपने जनप्रतिनिधियों को चुना।

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चार चरण में 14, 19, 26 व 29 अप्रैल को मतदान हुआ। उत्तर प्रदेश में कल से इनकी मतगणना जारी है। जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान तथा ग्राम पंचायत सदस्य के पद के लिए हुए चुनाव में मतपत्रों से पोलिंग हुई है। इन चुनावों के नतीजे आ रहे हैं और पूरे नतीजे आने में आज यानी सोमवार का पूरा समय लग सकता है। पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य के साथ ही अन्य पदों पर भाजपा, सपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन जैसी राजनीतिक पार्टियों ने भी अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इन पार्टियों के उम्मीदवार पार्टी के चुनाव निशान पर नहीं, बल्कि आयोग से मिले चुनाव चिह्नों पर मैदान में उतरे है। प्रदेश में 58,194 ग्राम प्रधान, 7,31,813 ग्राम पंचायत सदस्य, 75,808 क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा 3050 जिला पंचायत सदस्य चुने जा रहे हैं।

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