अस्पताल के गेट पर दर्द से तड़प रही थी गर्भवती, स्टाफ बेसुध, नवजात की मौत

भिंड: मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलता मामला सामने आया है। भिंड के जिला सरकारी अस्पताल में मंगलवार की सुबह स्टाफ की लापरवाही के चलते एक गर्भवती महिला ने अपना बच्चा खो दिया। आलम यह था कि गर्भवती महिला अस्पताल के गेट पर तड़पती रही और कोई उसकी सुध लेने नहीं आया बल्कि लोग उसकी वीडियो बना रहे थे। महिला का पति सुरक्षा गार्ड और नर्सिंग स्टाफ से विनती करता रहा, लेकिन महिला की मदद के लिए कोई भी नहीं आया। बताया जा रहा है कि महिला का पति प्रसुति गृह के नर्सिंग स्टॉफ के पास भी मदद मांगने पहुंचा, लेकिन स्टाफ 35 मिनट के बाद मौके पर पहुंचा।

जानकारी के अनुसार, गांव मूरतपुरा की 27 वर्षीय रुबी को उसका पति  पति केपी सिंह नरवरिया डिलीवरी के लिए जिला अस्पताल लाया था। वह गेट पर लेबर पेन से तड़प रही थी लेकिन अस्पताल स्टाफ द्वारा उसकी कोई सुध न ली गई। काफी मिन्नतों के बाद स्टाफ द्वारा जब तक महिला को लेबर रुम में ले जाकर डिलीवरी कराई गई, तब तक बच्चा मर चुका था।

साथ ही यह पता चला है कि लोग महिला की मदद करने के बजाय उसका वीडियो बनाते रहे। इस घटना को लेकर भिंड जिला अस्पताल के डॉ. अजीत मिश्रा का कहना है कि ‘अस्पताल गेट पर कोई गर्भवती महिला दर्द से तड़पती रही और समय पर स्टाफ नहीं पहुंचा तो यह गंभीर मामला है, लेकिन लोग भी अगर वीडियो बनाने की जगह स्टाफ को समय पर सूचना दे देते तो बच्चा बच सकता था। जो भी कर्मचारी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’