सिक्युरिटी क्लीयरेंस मिलने के बाद शुरू होगा कार्गो कॉम्प्लेक्स

भोपाल। भोपाल एयरपोर्ट के पास कार्गो हब बनाने के लिए 50 एकड़ जमीन नहीं मिल पा रही है। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट के आसपास अधिकांश जमीनें निजी हैं। यहां सरकारी जमीन खाली भी है तो महज 10 से 20 एकड़। इस स्थिति में यहां 50 एकड़ जमीन एकमुश्त मिलना मुश्किल है। अब यदि यहां इतनी जमीन एक साथ चाहिए तो जिला प्रशासन को निजी जमीन का भू-अर्जन करना पड़ेगा। इसके लिए अब तक सहमति नहीं बन पाई है।

दरअसल, 17 जून को सुबह 11 बजे मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती व वित्त विभाग के एसीएस व विमानन कंपनियों की बैठक हुई थी। इसमें निर्णय लिया था कि भोपाल में कार्गो के लिए कार्गो (फार्मर्स) हब बनाया जाएगा। इसके लिए 50 एकड़ जमीन चिन्हित की जाएगी, लेकिन जिला प्रशासन के पास शहरी सीमा में कहीं भी 50 एकड़ सरकारी जमीन नहीं बची है। बता दें कि नया कॉम्प्लेक्स बनने तक अब पुराने एयरपोर्ट को ही अस्थाई रूप से कार्गो कॉम्प्लेक्स में तब्दील किया जा रहा है।

कार्गो बढ़ने पर कम हो सकता है यात्री किराया

डीजीसीए के ताजा आंकड़ों के अनुसार मई में कार्गो संचालन 10.9 फीसदी कम हुआ है। मई 2018 में भोपाल से 119 मैट्रिक टन कार्गो विभिन्न शहरों तक भेजा गया। वहीं, मई 2019 में यह घटकर 106 मैट्रिक टन रह गया। अथॉरिटी का मानना है कि जेट एयरवेज की उड़ानें बंद होने से आंकड़ों में गिरावट आई है। इस वर्ष इंडिगो, स्पाइस जेट एवं एयर इंडिया कार्गो मूवमेंट बढ़ाने के प्रयास कर रही है। संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने हाल ही में एयरलाइंस कंपनियों एवं औद्योगिक संगठनों की बैठक में भोपाल से एयर कार्गो बढ़ाने की संभावनाएं टटोलने के निर्देश दिए हैं। लिहाजा साल के अंत तक कार्गो बढ़ाया जा सकता है। इधर, कार्गो बढ़ने से यात्री किराया भी कम हो सकता है।

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