शिवराज का ‘समाधान ऑनलाइन’ बंद, ‘जन अधिकार’ में शिकायत दूर करेंगे CM Kamal Nath

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सुशासन की दृष्टि से आम लोगों की शिकायत सुनने के लिए शुरू किया गया ‘समाधान ऑनलाइन’ कार्यक्रम अब बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ इसकी जगह ‘जन अधिकार’ कार्यक्रम में आम लोगों की शिकायतें सुनेंगे और उनका निराकरण करेंगे। इसी महीने की नौ तारीख से जन अधिकार कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। इसमें सीएम को प्राप्त होने वाली शिकायतें, सीएम हेल्पलाइन और जनशिकायत प्रकोष्ठ में से कुछ शिकायतें चयनित की जाएंगी। सीएम के जन अधिकार कार्यक्रम में कलेक्टर-एसपी सहित जिला स्तर के सभी अधिकारियों का मौजूद रहना अनिवार्य किया गया है।

हर महीने के दूसरे मंगलवार की शाम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जन अधिकार कार्यक्रम होगा। सचिवालय का पत्र, नागरिक अधिकार शिकायत का समाधान सीएम सचिवालय की ओर से सभी एसीएस, पीएस और कमिश्नर-कलेक्टरों को जारी पत्र में कहा गया है कि प्रामाणिक शिकायत या समस्या का निराकरण प्राप्त करना हर व्यक्ति का नागरिक अधिकार है। समयसीमा में उसकी शिकायतों या समस्या का निराकरण होना चाहिए।

शिकायतों के निराकरण पर कलेक्टरों की होगी ग्रेडिंग

सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों के निराकरण से सीएम संतुष्ट नहीं हैं। सचिवालय ने कहा कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण में अभी भी सुधार की जरूरत है। कलेक्टर-एसपी से कहा गया है कि जब तक नागरिक शिकायत पर कार्रवाई से संतुष्ट न हो, तब तक शिकायत बंद न की जाए। लंबे समय से जिन शिकायतों का समाधान नहीं हो पाया है, ऐसी शिकायतों की संख्या में कमी लाई जाए। शिकायतें बिना निराकरण के उच्च स्तर पर प्रेषित न की जाएं। नई व्यवस्था के तहत अब शिकायतों का बेहतर निराकरण करने वाले और खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों की रैंकिंग तैयार की जाएगी। इसका एक फार्मूला तैयार किया गया है। जिसके तहत महीने की शुरुआत में दर्ज शिकायतों की संख्या यदि महीने की आखिरी तारीख में कम होगी, तो उसे बेहतर माना जाएगा।