जब घोड़ों को पकड़कर कलेक्टोरेट लाए किसान, बड़ा दिलचस्प है मामला

बुरहानपुर। कलेक्टोरेट में बड़ी संख्या में घोड़े देखकर लोग अचरज में पड़ गए। करीब 12 घोड़ों को शहर से सटे गांव पातोंडा के किसान हांककर लाए और जनसुनवाई में अपर कलेक्टर रोमानुस टोप्पो को शिकायत की कि ये हमारी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों के अनुसार बीमार होने पर इन घोड़ों को मालिकों ने छोड़ दिया है। किसानों ने बताया कि एडीएम रोमानुस टोप्पो को कक्ष से बाहर बुलाकर परिसर में खड़े घोड़े दिखाए। उन्हें ज्ञापन सौंपकर एक हफ्ते के अंदर समस्या का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।

एडीएम ने नगर निगम को निर्देशित किया कि इन घोड़ों को पकड़कर कांजी हाउस में डालें और उनके मालिकों को ढूंढकर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। किसानों ने बताया कि बुरहानपुर और लालबाग के घोड़ा पालकों ने 25 से 30 बीमार घोड़ों को छोड़ दिया है, जो गांव में हमारी फसलें उजाड़ रहे हैं। बीते सीजन में भी प्याज और गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया था। इस सीजन में कपास, धान व अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचा चुके हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकला।

24 में से आधे भाग निकले

किसानों ने बताया कि मंगलवार को वे दो दर्जन से ज्यादा घोड़ों को हांककर कलेक्टर के पास ला रहे थे, लेकिन आधे से ज्यादा बीच रास्ते से भाग निकले। 20 से अधिक किसान घोड़ों को हांकते हुए गांव से शहर तक आए थे। कुछ घोड़े पास की कॉलोनियों से पकड़े थे। किसानों ने कहा कि हमें भी यह पता नहीं कि ये घोड़े किसके हैं, लेकिन इनके कारण हमें हर साल नुकसान उठाना पड़ रहा है।