कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के बीच अधीर रंजन ने ओम बिरला को लिखा पत्र, शीतकालीन सत्र बुलाने की मांग

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने पत्र लिखकर लोक सभा स्पीकर ओम बिरला से शीतकालीन सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में किसानों के विरोध प्रदर्शन, कोरोना वैक्सीन की स्थिति, आर्थिक मंदी और बेरोजगारी के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए यह सत्र बुलाने की मांग की है।

इससे पहले अधीर रंजन चौधरी ने गुरुवार को सरकार से आग्रह किया कि किसानों को हैरान-परेशान करने के बजाय उनकी शिकायतों का तेजी से समाधान किया जाए। गौरलतब है कि किसान पिछले एक हफ्ते प्रदर्शन कर रहे हैं। लोकसभा में कांग्रेस के नेता ने ट्वीट करके कहा, ‘हजारों किसान एक सप्ताह से अधिक समय से दिल्ली की सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं और देश के ‘अन्नदाताओं’ को उचित सम्मान मिलना चाहिए। वे आकाश के नीचे सड़क पर पड़े हैं और दिल्ली के सर्द मौसम को भी सहन कर रहे हैं। मैं किसान के मुद्दों को जल्द से जल्द हल करने के लिए सरकार को प्रस्ताव देता हूं और किसानों के खिलाफ उन्हें थकाने की ’नीति का इस्तेमाल लागू नहीं करने की अपील करता हूं।

किसानों और केंद्र सरकार के बीच वार्ता 

विपक्षी नेता की टिप्पणी ऐसे वक्त पर आई है, जब किसानों के समूहों ने चौथे दौर की वार्ता के लिए तीन केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेलवे, वाणिज्य और खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री व पंजाब से सांसद सोम प्रकाश राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में 35 किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। इसे लेकर ट्वीट करते हुए अधीर रंजन ने कहा, ‘आशा है, किसानों और सरकार के बीच चौथे दौर की बातचीत हिन्दुस्तान के किसानों की मुख्य चिंताओं को हल करेगी। आंदोलनकारी किसानों ने बुधवार को मांग की थी कि केंद्र संसद का विशेष सत्र बुलाए और कृषि कानूनों को निरस्त करे।

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