अब कम्प्यूटर बाबा ने मांगा न्यास के लिए बजट

भोपाल। नर्मदा से रेत खनन का निरीक्षण करने हेलीकॉप्टर और मंत्रालय में कक्ष के बाद कम्प्यूटर बाबा ने नर्मदा नदी न्यास के लिए बजट की मांग रख दी है। शुक्रवार को मंत्रालय पहुंचे कम्प्यूटर बाबा ने नदियों के संरक्षण पर आध्यात्म विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बजट की भी मांग रखी। बजट के लिए तर्क दिया गया कि जनसहयोग के साथ न्यास को खुद भी काम करने पड़ेंगे, इसलिए धन की जरूरत है।

विधानसभा चुनाव के ठीक पहले से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हुए कम्प्यूटर बाबा अब न्यास के लिए बजट चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक उनका तर्क है कि नदी संरक्षण के काम जनसहयोग से तो कराए जा रहे हैं, लेकिन न्यास को खुद भी काम करने होंगे। जिसके लिए राशि की जरूरत होगी। आध्यात्म विभाग के अपर मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में बाबा ने न्यास के पंजीयन और क्षिप्रा, मंदाकिनी और खान नदियों के संरक्षण की बात भी रखी।

बाबा ने कहा कि भाजपा शासनकाल में ये नदियां अनदेखी के चलते नाले में तब्दील हो गई हैं इसलिए संरक्षण की सबसे ज्यादा जरूरत इन्हीं को है। इन्हें लेकर बाबा अब संबंधित जिलों के कलेक्टरों के साथ बैठक करेंगे और इन नदियों को पुराने स्वरूप में लाने की रणनीति बनाएंगे। बाबा ने कहा कि पौधरोपण के लिए नर्मदा का सर्वे करने गए थे। कई जगह नर्मदा में गंदे नालों का पानी मिलते देखा है। नर्मदा को शुद्ध रखने के लिए भी रणनीति बना रहे हैं।

न्यास के अध्यक्ष बनने के बाद नर्मदा के सर्वे पर निकले कम्प्यूटर बाबा ने कई जगह पोकलेन मश्ाीनें चलती देखी हैं। बाबा ने बताया कि नर्मदा में जोरो से रेत खनन हो रहा था। लोग अलग-अलग तरीके से रेत निकाल रहे हैं। हमें पोकलेन मशीन चलती मिली थीं, जिन्हें हमने स्थानीय प्रशासन की मदद से जब्त कराया।

पौधरोपण की जांच के लिए सीएम को पत्र लिखेंगे

कम्प्यूटर बाबा ने दो जुलाई 2017 को प्रदेशभर में एक साथ हुए पौधरोपण पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि नर्मदा नदी के सर्वे के दौरान उन्हें घाटों पर पौधे नहीं मिले। बाबा ने कहा कि यह गंभीर मामला है और हम मुख्यमंत्री कमलनाथ को भाजपा सरकार द्वारा कराए गए पौधरोपण की जांच कराने के लिए पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की बारीकी से जांच होनी चाहिए।

इनका कहना है

बारिश का सीजन आ गया है। अब हेलीकॉप्टर की जरूरत नहीं है, लेकिन मंत्रालय में कक्ष तो चाहिए। बजट की मांग नहीं है। सब आध्यात्म से आएगा। 

कम्प्यूटर बाबा, अध्यक्ष, नर्मदा नदी न्यास