मॉब लिंचिंग पर एकजुट हुआ मुस्लिम समाज, तबरेज अंसारी के हत्यारों को फांसी देने की मांग

भोपाल: झारखंड में मुस्लिम युवक तबरेज अंसारी को भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मारने व जबरन जय श्री राम बुलवाने के विरोध में मध्यप्रदेश के कई जिलों में विरोध देखने को मिला। मॉबलिंचिंग के विरोध में रतलाम में मुस्लिम समाज ने कलेक्ट्रेट परिसर में एसडीएम लक्ष्मी गामड़ को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। वहीं भोपाल तथा खंडवा में भी मॉबलिंचिंग व तरबेज से मारपीट करने वालों को फांसी की सजा की मांग की गई व शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया गया।

भोपाल
राजधानी में शहर के इक़बाल मैदान 3 बजे बाद नमाज़ जुमा भीड़ तंत्र के विरोध में मध्यप्रदेश उलमा बोर्ड मौलाना सय्यद अनस अली एवं शहर भोपाल की कई सामाजिक संस्थाओं अमन पसंद शहरियों द्वारा शांति पूर्वक विरोध प्रदर्शन किया गया।

रतलाम
शहर में शुक्रवार को शहर काजी अहमद अली के नेतृत्व में अंजुमन मस्जिद महू रोड से जुलूस शुरू हुआ जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाजजन हाथ में तबरेज के हत्यारों को फांसी दो लिखित तख्तियां लेकर चल रहे थे। मॉबलिंचिंग के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर शहर काजी के अलावा कांग्रेसी नेत्री यास्मीन शेरानी भी शामिल रही।

खंडवा
खंडवा में मॉल लिंचिंग की घटनाओं के विरोध में आज सौ से अधिक मुस्लिम समुदाय के लोग स्टेडियम ग्राउंड से पैदल शांतिपूर्ण मौन रैली के रूप में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और यहां अपर कलेक्टर को महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान नायब शहर क़ाज़ी निसार अली ने कहा कि देशभर में आये दिन मुस्लिम अल्पसंख्यकों के साथ मॉब लिंचिंग की घटनाएँ हो रही हैं, जिससे देश के अल्पसंख्यकों में रोष व्याप्त है, इस हेतु अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही साथ मॉब लिंचिंग में मारे गए पीड़ित के परिवार को 10लाख रु की आर्थिक सहायता के साथ परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नॉकरी दी जाए।

आगरमालवा
शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समाज के व्यक्ति, बच्चे, बूढ़े सहित काले पहाड़ वाले बाबा की दरगाह पर इक्ठ्ठा हुए। वे हाथों मे बैनर व तख्तियां लेकर नगर के मुख्य मार्ग से जुलूस के रूप मे निकलकर तहसील कार्यालय पहुंचे तथा तहसीलदार मैडम को राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें तबरेज के हत्यारों को फांसी की सजा की मांग की गई थी।