MP पुलिस अजब है ! 6 साल के मासूम के खिलाफ दर्ज की FIR

राजगढ़: राजगढ़ में बियोरा थाने में पुलिस प्रशासन की लापरवाही का चौकान्ने वाला मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने एक 6 साल के बच्चे के खिलाफ दूसरे बच्चे से मारपीट व गालियां देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की।मामले का खुलासा गुरुवार को मामले की जांच के दौरान हुआ कि आरोपी की उम्र महज 6 साल है।

क्या है पूरा मामला
बुधवार को राजगढ़ पुलिस थाने में एक मां शिकायत लेकर पहुंची कि उसके बेटे को एक लड़के ने पत्थर मारा है तथा जानबूझकर चोट पहुंचाई है। पुलिस ने मामले में तथ्यों का जांच किए बिना एफआईआर दर्ज कर ली।बियोरा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज डीपी लोहिया ने बताया कि, मेडिकल परीक्षण के बाद हमने भारतीय दंड संहिता की धारा 323 और 294 के तहत मामला दर्ज कर लिया। महिला ने हमें बताया कि आरोपी बच्चे की उम्र 12 साल है।’

मामले की जांच में पता चला कि,’दोनों बच्चे पेड़ से खजूर तोड़ने के लिए गए थे। गलती से एक पत्थर बच्चे पर लग गया और वह घायल हो गया। इसके बाद बच्चे की मां ने इसे बड़ा मामला बना दिया और मेरे बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी।’

पुलिस प्रशासन ने दी सफाई
वहीं इस संबंध में पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने कहना है कि, ‘बच्चों में से एक को चोट लगी थी इसलिए तुरंत एफआईआर दर्ज की गई। हम इस मामले को किशोर न्याय बोर्ड के पास भेजेंगे।’ वकील अनंत अस्थाना ने कहा, ‘यह पुलिस की गलती है। अब पुलिस को किशोर न्याय बोर्ड में एक आवेदन जमा कराना होगा। जिसमें यह बताना होगा कि उसने एफआईआर दर्ज क्यों की। अब बोर्ड तय करेगा कि एफआईआर को खारिज करना है या किशोर न्याय अधिनियम की उचित धाराओं में मामला दर्ज करना है।

इस मामले पर बाल अधिकार कार्यकर्ता प्रशांत खरे ने कहा, ‘यह हैरानी वाली बात है कि पुलिस ने बिना तथ्यों की पड़ताल किए मामला दर्ज कर लिया। यदि एक मां किसी पर आरोप लगा रही है लेकिन उसका कहना है कि अपराध एक बच्चे ने किया है तो पुलिस को एफआईआर दर्ज नहीं करनी चाहिए थी।’