आतंकियों ने राष्ट्रपति पुरस्कार सम्मानित इंस्पेक्टर पर बरसाई गोलियां, कई बड़े एंटी टेरर अभियानों में लिया था हिस्‍सा

श्रीनगर। आतंकियों ने फिर कायरतापूर्ण हरकत करते हुए दक्षिण कश्मीर के चंदपोरा (अनंतनाग) में सोमवार को मस्जिद में नमाज पढ़कर बाहर निकले एक निहत्थे पुलिस इंस्पेक्टर पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई। आतंकियों के इस हमले में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित जांबाज इंस्पेक्टर मुहम्मद अशरफ बट वीरगति को प्राप्‍त हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन टीआरएफ (द रसिस्टेंस फ्रंट) ने ली है। इंस्पेक्टर बट जल्द ही उपाधीक्षक पद पर पदोन्नत होने वाले थे।

छुट्टी लेकर घर आए थे मुहम्मद अशरफ बट : पुलवामा के लिथरपोरा में स्थित पुलिस के कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में तैनात मुहम्मद अशरफ कुछ दिन पहले छुट्टी लेकर घर आए थे। वह सोमवार शाम नमाज अदा करने के लिए घर से कुछ ही दूरी पर स्थित मस्जिद में गए थे। नमाज के बाद मस्जिद से बाहर निकलकर अपने घर की तरफ बढ़े ही थे कि अचानक आए आतंकियों ने उन पर बेहद करीब से गोलियां बरसा दीं। अशरफ वहीं गिर पड़े। वारदात को अंजाम दे आतंकी भाग निकले। सुरक्षा बल के जवानों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

आतंक विरोधी कई अभियानों में लिया था हिस्सा: इंस्पेक्टर मुहम्मद अशरफ बट ने आतंक विरोधी कई अभियानों में हिस्सा लिया था। कुपवाड़ा में 2019 के दौरान थाना प्रभारी रहते उन्होंने जिले में कई नामी आतंकियों को मार गिराने और उनके ओवरग्राउंड वर्करों को पकड़ने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी।

शहीद को अंतिम श्रद्धांजलि: शहीद इंस्पेक्टर मुहम्मद अशरफ बट को देर शाम जिला पुलिस लाइन में अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। आइजीपी कश्मीर विजय कुमार, डीआइजी दक्षिण कश्मीर रेंज अतुल कुमार गोयल, एसएसपी अनंतनाग, एसएसपी पुलवामा और एसएसपी अवंतीपोर समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों व जवानों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र और फूलमालाएं भेंट कीं। इसके बाद तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर पूरे सम्मान के साथ उसके पैतृक गांव चंदपोरा में उसके परिजनों के पास ले जाया गया

पुलवामा में भी आतंकी हमला, सीआरपीएफ जवान जख्मी: सोमवार सुबह पुलवामा जिले के गंगू इलाके में सुरक्षा बलों का एक दल नियमित गश्त पर पर था। गंगू गांव के बाहरी छोर पर एक बाग में छिपे आतंकियों ने इस दल पर हमला कर दिया। इसमें सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया। अन्य जवानों ने उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाते हुए आतंकियों पर जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद करीब 25 मिनट तक मुठभेड़ चली। इसी दौरान आतंकी भाग गए। देर रात तक तलाशी अभियान जारी था।