कभी नहीं भूल पाओगे कोंडागांव के जामुन का स्वाद, देशभर में रहती है मांग

रायपुर। राजधानी में जामुन आना शुरू हो गया है। इसकी आवक जून के अंत से जुलाई तक होती है। मौसमी फल होने के कारण प्रदेश भर में जामुन की मांग रहती है। स्वाद एवं बेहतर क्वालिटी के कारण कोंडागांव का जामुन कई शहरों में चर्चित है। कोंडागांव के अलावा जगदलपुर, कांकेर से जामुन की सप्लाई रायपुर, नागपुर, मध्यप्रदेश तक होती है।

इन इलाकों में ग्रामीणों, किसानों व स्व सहायता समूहों की महिलाओं ने जामुन को आमदनी का जरिया बना लिया है। वे जामुन का संग्रह कर बेच रहे हैं। रायपुर, महाराष्ट्र के व्यापारी स्थानीय संग्राहकों से जामुन खरीदकर दूसरे राज्यों में भेज रहे हैं।

20 रुपये पाव

ग्रामीण पेड़ों से ताजे जामुन तोड़कर बेच रहे हैं। इससे संग्राहकों को अच्छी आय हो रही है। रायपुर के व्यापारियों के अनुसार अभी जामुन 20 रुपये पाव में खरीदा जा रहा है। थोक में 1100 रुपये प्रति कैरेट में बेचा जा रहा है। हालांकि जामुन की कई वेरायटी हैं। कुछ किस्म के जामुन की कीमत 60 रुपये किलो भी है। कोंडागांव के जामुन की मांग अधिक होने से इसकी कीमत में अभी उछाल संभव है।

महिलाएं हो रहीं लाभान्वित

कृषि कॉलेज कांकेर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. जीवन लाल नाग के अनुसार इलाके में बहुतायत में जामुन की फसल होने के कारण बाहर के व्यापारी खरीदी करने आते हैं। स्थानीय स्व सहायता समूह की महिलाएं जामुन का संग्रहण कर लाभ अर्जित कर रहे हैं। शासन-प्रशासन की तरफ से बेहतर प्रयास करने की आवश्यकता है। प्रशासन जामुन के संग्रहण, विक्रय व बाजार आदि की उचित व्यवस्था करे तो किसानों, समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होगी।

कम लागत में अधिक मुनाफा

संग्रहणकर्ताओं के अनुसार खेती-किसानी के लिए ऊंची कीमत पर खाद, बीज खरीदनी पड़ती है। फसलों की देखभाल के लिए तरह-तरह के जतन करने होते हैं। दूसरी ओर जामुन के पेड़ की ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती। जामुन कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा का बेहतरीन जरिया है।

औषधीय गुणों से भरपूर है जामुन

आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. अंकिता मिश्रा ने बताया कि जामुन का फल, गुठली, छाल और पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर हैं। आयरन, विटामिन-ए, सी, कैरोटीन और अन्य पोषक तत्व इसमें प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए आयु केयर में आ रहे उदर रोग के मरीजों को जामुन का फल खाने की सलाह देती हूं। सेंधा नमक के साथ खाने से भूख बढ़ती है और पाचन क्रिया भी ठीक रहती है।