भोपाल में जूनियर डॉक्टरों की गुंडा गर्दी पर पहली बार पुलिस , प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन हुआ सख्त

भोपाल :- रमज़ान के मुबारक महीने में , मरीजों से जूनियर डॉक्टरों की मारपीट करने की घटना ने तूल पकड़ लिया शासन इस पर हमेशा की तरह ही सुस्ती से काम ले रहा था , की किसी शरारती तत्व ने व्हाट्सएप पर यह खबर वायरल करदी और धर्म का हवाला देते हुए सभ शहर वासियों से रात्रि में नमाज़ के  बाद हमीदिया अस्पताल  पर इखट्टा होने की अपील करदी।

यह मैसेज  वायरल होने लगा और एक बड़ा तबका भावनात्मक रूप से इस मैसेज से जुडने लगा।

ज्ञात हो कि कुछ समय पहले शिवराज सिंह की सरकार के समय इसी हमीदिया अस्पताल में खुदाई में एक मस्जिद नुमा ढांचा निकला था जिसको मस्जिद बताकर इसी तरह के मैसेज की वजह से शहर भोपाल की फ़िज़ा खराब होते होते शिवराज सरकार ने बचा ली थी ! अर्थात पुलिस ने अपने अनुभव के आधार पर इस बार ऐसी अफवाह को फैलने से पहले ही कुशलता से रोक लिया , जिसके लिए भोपाल पुलिस बधाई की पात्र है एवं तुरंत ही पुलिस के आला अधिकारियों ने आरोपी डॉक्टरों पर FIR दर्ज़ कर गिरफ़्तारी के आदेश भी दे दिए इस हेतु फरियादियों के आवेदन को FIR में दबदिल करने पर  पुलिस विचार कर रही है वहीं गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन ने विभागीय जांच करवा दोषियों पर सख्त कार्यवाही करने के आदेश दिए।

 

यह था विवादित मेंंसेज

हास्पिटल सब मिल कर जंगी प्रदर्शन करेगे।

डॉक्टर की गुंडा गर्दी नहीं चलेगी नहीं चलेगी

बाद नमाज़े ईशा जुमे के दिन रात 9:00 बजे हमीदिया का घेराओ।

मंगलवार रात 11 बजे की घटना
हमीदिया डॉक्टरो ने नूरमहल की मुस्लिम महिलाओ को कमरे मे बंद कर पीटा एवं उनके साथ गलत हरकते करने की कोशिश की, पीड़िता कोहेफिजा थाने में रिपोर्ट कराने गई थी वह उसकी सुनवाई नहीं हुई हैं महिला अपने पति को दिखाने लेकर गई थी मस्जिद में तरावीह पड़ते वक़्त तबियत ख़राब होने से हॉस्पिटल लेकर आई । परिजनों को डॉक्टरों ने दौड़ा दौड़ा कर पीटा.छोटे बच्चों को भी बहुत मारा डॉक्टर ने। कोहेफिजा थाने की पुलिस ने मामले में ज़्यादा ज़ोर नहीं दिया और पूरी सपोर्ट हॉस्पिटल के डॉक्टर की कर रहे है। इसकी के चलते बाद नमाज़े ईशा जुमे के दिन रात 10 बजे सभी भाई हमीदिया हॉस्पिटल का घेराओ करेगे और मुख्यमंत्री कमलनाथ से मांग करेगे जितने भी जूनियर डॉक्टर है सब के ऊपर एक्शन लिया जाये। आये दिन डॉक्टर गुंडा गर्दी कर रहे है। और थाना कोहेफिजा स्टाफ के कर्मचारियो को सस्पेंड करा जाये।

निवेदक। मुस्लिम एकता भारत

 

ज़मीर आलम

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