नौसेना की बढ़ेगी ताकत, 6 अत्याधुनिक स्वदेशी पनडुब्बिया करेंगी दुश्मन पर घातक वार

नई दिल्लीः सरकार ने रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देते हुए नौसेना के लिए 45,000 करोड़ रुपए की लागत से पी-75 (आई) श्रेणी की 6 पनडुब्बी देश में ही बनाने के लिए भारतीय कंपनियों के चयन के वास्ते अभिरुचि पत्र जारी किया है। मोदी सरकार ने दूसरी बार सत्ता में आने के एक महीने के अंदर ही यह बड़ा कदम उठाया है। रक्षा खरीद नीति के महत्वपूर्ण पहलू सामरिक भागीदारी मॉडल के तहत मंजूर की गई यह दूसरी बड़ी परियोजना है।

इससे पहले नौसेना के लिए ही 111 हैलीकॉप्टरों की खरीद भी इसी मॉडल के तहत करने का निर्णय लिया जा चुका है। इस मॉडल के तहत भारतीय कंपनी अपने विदेशी भागीदार के साथ मिलकर देश में हीविभिन्न सैन्य प्लेटफार्म बनाती है। इस कदम से पनडुब्बियों के स्वदेशी डिजाइन, प्रौद्योगिकी तथा निर्माण क्षमता को बढ़ावा मिलेगा। रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ने इस सौदे को गत 31 जनवरी को मंजूरी दी थी। इस परियोजना से संबंधित अभिरुचि पत्र के बारे में जानकारी रक्षा मंत्रालय और नौसेना की वैबसाइट पर डाल दी गई है।

परियोजना के वास्ते विदेशी भागीदार कंपनियों के चयन के लिए अभिरुचि पत्र 2 सप्ताह में जारी किया जाएगा। सामरिक मॉडल के तहत भारतीय कंपनी अपनी विदेशी भागीदार कंपनी के साथ मिलकर देश में उत्पादन इकाई बनाएगी और पनडुब्बियों का डिजाइन तथा प्रौद्योगिकी हासिल करेगी। इस परियोजना से देश में पनडुब्बी और समुद्री पोत के निर्माण को तो बढ़ावा मिलेगा ही रक्षा उद्योग क्षेत्र को भी इससे मजबूती मिलेगी।