मंत्री बोले, मेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों को रोकना देशद्रोह जैसा अपराध

लोहरदगा। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता लोहरदगा पहुंच चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री के साथ वित्त मंत्री डा. रामेश्वर उरांव, राज्य सभा सांसद धीरज प्रसाद साहू भी यहां पहुंचे हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर जिला स्तर पर की गई तैयारी की समीक्षा बैठक परिसदन में शुरू हो गई है। बैठक में उपायुक्त आकांक्षा रंजन, एसपी प्रियदर्शी आलोक, सिविल सर्जन डा. विजय कुमार, डा. एसएन चौधरी, एसडीओ ज्योति झा समेत जिला स्तरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मी शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने रांची के हिंदपीढ़ी की घटना के सवाल पर कहा कि मेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों को रोकना देशद्रोह जैसा अपराध है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि लॉकडाउन के फैसले पर केंद्र सरकार के साथ झारखंड सरकार रहेगी।

मंत्री के आगमन और बैठक की तैयारी के लिए जिला प्रशासन ने व्‍यापक तैयारी की है। जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री कोविड-19 को लेकर आवश्यक तैयारी से संबंधित बैठक कर अद्यतन स्थिति की जानकारी लेने बाद संबंधित को इस दिशा में आवश्यक दिशा-निर्देश भी देंगे। बैठक का आयोजन जिला परिषदन में किया गया है। बैठक पूर्वाह्न 11.30 बजे से शुरू होकर अपराह्न 2:00 बजे तक चलेगी। कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर मंत्री द्वारा की जाने वाली बैठक में जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ अब तक की गई तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री के सामने ही टूटा नियम

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री ने शारीरिक दूरी के नियम तो अहम बताए हैं। लोहरदगा में स्वास्थ्य व्यवस्था और संक्रमण को रोकने को लेकर तैयारियों की समीक्षा करने राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव, राजसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू जब सदर अस्पताल पहुंचे तो वहां शारीरिक दूरी के नियम टूटते नजर आए। मंत्री और अधिकारियों के सामने ही भीड़ नजर आई। सवाल उठ गया कि जब मंत्री के सामने यह हाल है तो कैसे भागेगा कोरोनो। क्या सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के लिए शारीरिक दूरी का नियम लागू नहीं होता।