आबकारी व पुलिस विभाग की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में कच्ची शराब, 20 हजार लीटर लाहन किया नष्ट

छतरपुर: जिले में लाकडाउन के बावजूद शराब की तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। इस दौरान उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती थाना क्षेत्र के हरपालपुर थाने के अंतर्गत ग्राम सरसेड़ में कबूतरों के डेरे पर कच्ची शराब बनाने के एक ठिकाने पर आबकारी व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की है। इसमें भारी मात्रा मेें कच्ची शराब व लाहन को मौके पर नष्ट कराके 5 बाइकों को जब्त किया गया है। वहीं टीमों को आता देखकर इस डेरे के सभी पुरूष और महिलाएं भागकर दूर खेतों में जा छिपे, डेरे पर केवल बच्चे ही मिले।

ज़मीन से हैंडपंप के जरिये निकाली जाती है शराब..
जिला आवकारी शैलेंश जैन अधिकारी, छतरपुर और हरपालपुर थाना प्रभारी दिलीप पांडे की संयुक्त टीम ने अपने साथ लाई जेसीबी मशीन से कच्ची शराब बनाने के पूरे स्थल को तहस नहस कर दिया। साथ ही जमीन में गाड़कर रखे गए आधा दर्जन से अधिक ड्रमों में भरी हुई कच्ची शराब भी मिली जिसे इन ड्रमों से हैंडपंप के जरिये निकाला जाता था और पाउचों व बोतलों में पैक करके बोरियों में भरकर डेरे के बच्चों के जरिए आस-पास बेचा जाता था।

ज़मीन में ड्रमों को गाड़कर रखी गई थी शराब..
पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से जमीन में गाड़कर रखे पांचों ड्रमों व शराब बनाने की भटटी को तोड़ा। डेरे पर ही 200-200 लीटर के करीब 100 अन्य ड्रम रखे हुए थे, जिनके अंदर करीब 18 हजार लीटर कच्चा लाहन भरा था। करीब 4 घंटे तक कबूतरों के डेरे पर चली इस कार्यवाही में कच्ची शराब सहित, लाहन व अन्य पूरा मैटेरियल मौके पर ही उसे नष्ट कर दिया गया। इस दौरान मौके से 3 हैंडपंप व 5 बाइक जब्त की गई है।

सीमावर्ती यू.पी. तक सप्लाई होती है डेरे की कच्ची शराब..
जिले के ग्राम सरसेड़ में रेलवे लाइन के किनारे स्थित कबूतरों के डेरे पर कच्ची शराब बनाने का यह कारोबार नया नहीं बल्कि वर्षों पुराना है। यहां कबूतरा जाति के लोगों ने इसे अपनी आय का जरिया बना लिया है। इस डेरे पर कबूतरों के पक्के मकान हैं, कच्ची शराब के कारोबार से हाेने वाली मोटी आय से इनके पास कारें, बाईक सहित अन्य ऐशोआराम सुविधाओं के पूरे साधन संसाधन उपलब्ध हैं। सूत्रों की माने तो इलाके के लोग इनपर हाथ डालने से डरते हैं। यहां भारी मात्रा मेें कच्ची शराब तैयार करके ये कबूतरा सुनियोजित तरीके से हरपालपुर सहित सीमावर्ती यूपी के कई गांवों में कच्ची ऑरिजनल शराब मंहगे दामों पर सप्लाई की जाती है।

बच्चे और महिलायें हैं बॉर्डर पर शराब की बड़े सप्लायर..
इतना ही नहीं कबूतरा परिवार के बच्चे भी इस काम में बड़ों से कम नहीं है। ये बच्चे कच्ची शराब की बोरियां में भरकर हरपालपुर में कई निर्धारित स्थानों पर जाकर दो गुना अधिक कीमत पर शराब बेचते हैं।