Lockdown बढ़ते ही तीन जोन में बंट जाएगा देश, इस क्षेत्र में नहीं मिलेगी कोई छूट

देश में कोरोना के बढ़ते संकट को देखते हुए राष्ट्रव्यापी ‘लॉकडाउन’ कम से कम 30 अप्रैल तक बढ़ सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई एक बैठक में इस पर व्यापक रूप से आम सहमति बनी है। यदि लॉकडाउन की अवधि बढ़ती है तो देश को तीन जोन में बांटा जाएगा, जो होंगे रेड, ऑरेंज और ग्रीन स्पॉट।

हॉटस्पॉट वाले जिलों को रेड जोन में, जिन जिलों में कोरोना संक्रमित लोगों को आइसोलेट किया गया है उन जिलों को ऑरेंज जोन तथा जहां पर कोरोना के कोई भी मरीज नहीं मिले हैं उन्हें ग्रीन जोन में रखा जाएगा। ग्रीन और ऑरेंज जोन में खेती से जुड़े काम को कुछ नियमों के साथ छूट मिल सकती है। वहीं एक लिमिट में हवाई, ट्रेन सफर की छूट भी मिल सकती है। दिल्ली जैसे शहरों में मेट्रो सर्विस भी चालू की जा सकती है। लेकिन यात्रियों की संख्या को सीमित रखने पर विचार हो रहा है।

सूत्रों के मुताबिक सरकार महामारी की रोकथाम के लिये कोविड-19 के हॉटस्पॉट (कोरोना वायरस संक्रमण से प्रभावित क्षेत्रों) पर और लॉकडाउन हट जाने पर अर्थव्यस्था को रफ्तार देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। लॉकडाउन बढ़ाये जाने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये कुछ छूट भी दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि कई प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें वायरस के प्रसार से अछूते इलाकों में अपेक्षाकृत कम पाबंदियां लगाना भी शामिल है।

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि लॉकडाउन के दूसरे चरण के लिये दिशानिर्देशों की अगले कुछ दिनों में घोषणा की जाएगी। आधिकारिक बयान में आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियों पर भी प्रधानमंत्री की टिप्पणी का हवाला दिया गया। बयान में कहा गया कि मोदी ने इस संकट को भारत को आत्मनिर्भर बनाने और राष्ट्र को आर्थिक शक्ति में तब्दील करने का एक अवसर बताते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और टेली-मेडिसीन के जरिये रोगियों तक पहुंचने के बारे में भी बात की। पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से यह भी भरोसा दिलाया कि भारत के पास आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त आपूर्ति है और कहा कि अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों के लिये व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण तथा आवश्यक उपकरण की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये कदम उठाये जा रहे हैं।