कोरोना संकट के बीच उद्धव ठाकरे की कुर्सी पर भी गहरा पेंच

दुनिया भर में जानलेवा साबित हो चुका कोरोना वायरस भारत में भी तेजी से पैर पसारता हुआ दिखाई दे रहा है। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस (Covid-19) संक्रमितों की संख्या में वृद्धि होने के साथ ही यह 5194 पर पहुंच गई है और संक्रमण के कारण अब तक 149 लोगों की मौत हुई है। वहीं महाराष्ट्र इस संक्रमण की सबसे ज्यादा चपेट में आने से लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के संकेत मिल रहे हैं। महाराष्ट्र में मौत का आंकड़ा 65 पर पहुंच गया है। इसी बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की कुर्सी पर पर भी पेच गहराता जा रहा है।

महाराष्ट्र के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं उद्धव
दरअसल उद्धव न तो विधानसभा (एमएलए) और न ही विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य हैं। अब कोरोना के खतरों की वजह से महाराष्ट्र में एमलसी का होना वाला चुनाव टाल दिया गया है, जिसके चलते उद्धव के सामने सीएम पद को बचाए रखने की मुश्किल खड़ी हो गई है।

 राज्य के किसी सदन का सदस्य होना अनिवार्य
दरअसल उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर, 2019 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। संविधान की धारा 164 (4) के अनुसार उद्धव ठाकरे को 6 माह में राज्य के किसी सदन का सदस्य होना अनिवार्य है।  ऐसे में उद्धव ठाकरे को अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी को बचाए रखने के लिए 28 मई से पहले विधानमंडल का सदस्य बनना जरूरी है। अगर वो ऐसा नहीं करते तो उनकी कुर्सी जा सकती है। कोरोना संकट के कारण यह विकल्प बिल्कुल संभव नहीं लगता। क्योंकि देश व्यापी लॉक डाउन के कारण 14 अप्रैल से पहले अधिसूचना जारी हो पाना संभव नहीं है।

दुनिया में कोरोना से 82119 मौतें व 1430141 संक्रमित

चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। Johns Hopkins यूनिवर्सिटी के मुताबिक, दुनिया भर में कुल 14,30,141 लोग कोरोना से संक्रमित हैं जबकि 82,119 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका में पिछले 24 घंटे में 2000 लोगों ने कोरोना की चपेट में आकर अपनी जान गंवाई है। यूरोप के 11 देश कोरोना की चपेट में हैं। इस बीच खबर है कि चीन में कोरोना वायरस का केंद्र रहे वुहान शहर में 76 दिन बाद लॉकडाउन हटा दिया जाएगा।