कोरोना महामारी से आयरलैंड भी बेहाल, भारतवंशी प्रधानमंत्री लियो खुद ही करेंगे संक्रमितों का ईलाज

दुनियाभर में फैली कोरोना वायरस की महामारी से आयरलैंड भी बेहाल है। ऐसे में आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो वरडकर (लियो वरदकर) ने अब खुद ही मरीजों का इलाज करने का फैसला किया है। आयरलैंड के भारतीय मूल के प्रधानमंत्री लियो वरडकर पेशे से डॉक्टर हैं और देश में कोरोना वायरस का संकट के बीच उन्होंने डॉक्टर की अपनी भूमिका में लौटने का निश्चिय किया है। उनके अलावा उनके परिवार के कई सदस्य भी देश की स्वास्थ्य सेवा में काम कर रहे हैं।

बता दें कि प्रधानमंत्री लियो वरडकर राजनीति में आने से पहले डॉक्टर थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने मार्च में चिकित्सा रजिस्टर में फिर से पंजीकरण कराया। इसी महीने महामारी ने मुल्क को अपनी चपेट में लिया था। वरडकर (41) ने देश की हेल्थ सर्विस एक्जीक्यूटिव (एचएसई) में काम करने का फैसला किया है, जो उन लोगों को फोन पर जानकारी मुहैया कराती है जिन्हें लगता है कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हो सकते हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि उनके परिवार के कई सदस्य और दोस्त स्वास्थ्य सेवा में काम कर रहे हैं

वह इस छोटे से तरीके से मदद करना चाहते थे। वरडकर (वरदकर) ने मेडिसिन की पढ़ाई की है और सात साल तक डॉक्टर के तौर पर काम किया है। 2017 में आयरलैंड का सबसे युवा प्रधानमंत्री बने थे। वह पहले घोषित समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने भारत के साथ अपने रिश्तों को जिंदा रखा और मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल में इंटरशिप की थी और 2013 में डॉक्टर के तौर पर पंजीकरण कराया था। उनके साथी मैथ्यू बरेट के साथ-साथ उनकी दोनों बहनें एवं बहनोई भी आयलैंड की स्वास्थ्य सेवा में काम कर रहे है। अखबार के मुताबिक, प्रधानमंत्री हर हफ्ते एक पाली में अपनी सेवा देंगे और कोविड-19 के संकट के दौरान देश का नेतृत्व करना जारी रखेंगे।