आत्ममंथन और भविष्य की योजनाओं को तैयार करने में लगे हैं श्रीलंका के कोच आर्थर

कोलंबो: श्रीलंका के कोच मिकी आर्थर कोरोना वायरस के कारण क्रिकेट से मिले विश्राम का उपयोग टीम के साथ बिताए गए पिछले तीन महीनों का आकलन और भविष्य की योजनाएं तैयार करने के लिए कर रहे हैं। कोरोना वायरस के कारण विश्व भर की खेल गतिविधियां ठप्प पड़ी हुई है। इस महामारी के कारण विश्व भर में अभी तक लगभग 70,000 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में आर्थर और उनके कोचिंग स्टाफ को आत्ममंथन का समय मिल गया है।

आर्थर ने श्रीलंका क्रिकेट से कहा, ‘हम इस समय का उपयोग पिछले तीन महीने के हमारे कार्यकाल का आकलन करने तथा अपने व्यक्तिगत और टीम योजनाओं को तैयार करने के लिये कर रहे हैं क्योंकि साल के आखिर में हमें महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं में भाग लेना है।’ उन्होंने कहा, ‘हम टीम की तैयारियों तथा हर प्रारूप में टीम के लिये तय किये लक्ष्यों को हासिल करने के लिये खिलाड़ियों का अपने खेल में सुधार करने और उनकी इच्छाशक्ति से बहुत खुश हैं।’ विश्व भर की सरकारों के सामाजिक दूरी बनाये रखने की अपील के कारण खेल प्रतियोगिताएं नहीं चल रही और ऐसे में आर्थर उनका स्टाफ अपनी टीम के अलावा विदेशी टीमों के खिलाड़ियों और उनके प्रदर्शन का भी आकलन कर रहे हैं।

आर्थर ने आगे कहा, ‘इससे हमारे कोचिंग स्टाफ को पिछले प्रदर्शन का आकलन करने के अलावा खिलाड़ियों के लिये रणनीति, भूमिकाएं और लक्ष्य तय करने का भी मौका मिला है। हम उन विपक्षी टीमों का भी आकलन कर रहे हैं जिनके खिलाफ अगले साल तक हमें खेलना है।’ श्रीलंका को इंग्लैंड के खिलाफ अपनी घरेलू टेस्ट श्रृंखला रद्द करने लिये मजबूर होना पड़ा था। आर्थर ने कहा, ‘यह वास्तव में निराशाजनक है कि हम इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला नहीं खेल पाए। मुझे लगता है कि जिम्बाब्वे दौरे में हमारी टेस्ट टीम को काफी कुछ सीखने को मिला। जिम्बाब्वे दौरा काफी कड़ा था और वहां जिस तरह की परिस्थितियां थी उनमें श्रृंखला जीतने के लिये हमें काफी अनुशासित क्रिकेट खेलनी पड़ी।’