रघुवर दास ने कांग्रेसियों को दी नसीहत, कोरोना संकट में न करें राजनीति

रांची। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कांग्रेस को नसीहत दी है कि संकट की घड़ी में राजनीति करना उचित नहीं है। कहा, कांग्रेस के कुछ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री के आह्वान के खिलाफ जो टिप्पणी की है, वह पूर्णत: अनुचित है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जब सोनिया गांधी ही अंतरराष्ट्रीय आपदा के इस काल में देश के साथ खड़ी नहीं दिख रही हैं, वह तैयारियों पर सवाल उठा रही हैं, तो ऐसे में झारखंड के कांग्रेस नेताओं से और क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने राज्य की जनता से अपील की कि वह प्रधानमंत्री के आह्वान पर पांच अप्रैल को रात्रि 09:00 बजे नौ मिनट के लिए दीपक, मोमबत्ती और मोबाइल टॉर्च जलाकर देश की एकजुटता में एक साथ खड़े हों तथा कोरोना के खिलाफ लडाई को और मजबूत बनाएं। यह भी कहा कि यदि हिंदुस्तान एक साथ खड़ा हुआ, तो कोरोना के खिलाफ युद्ध दुनिया में सबसे पहले और सबसे मजबूती से हम जीतेंगे।

 भाजपा ने दूसरे राज्यों में फंसे छह हजार से अधिक झारखंडियों तक पहुंचाया राशन

प्रदेश भाजपा ने लॉकडाउन की अवधि के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे झारखंडियों की मदद पार्टी के नेटवर्क के माध्यम से करते हुए उन तक राशन पहुंचाया है। भाजपा के प्रदेश मंत्री सुबोध सिंह गुड्डू ने कहा कि बड़ी संख्या में झारखंड के लोग मजदूरी करने के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं। देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान उनका झारखंड लौटना संभव नहीं है। ऐसी परिस्थिति में पार्टी ने अन्य प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं से संपर्क स्थापित कर उनके भोजन एवं राशन की व्यवस्था की है।

6,511 मजदूरों को आहार एवं राशन की सुविधा मुहैया

अब तक 6,511 मजदूरों को आहार एवं राशन की सुविधा मुहैया कराया गया है। आंकड़ों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि गुजरात और महाराष्ट्र में झारखंड के सर्वाधिक मजदूर हैं, वहां क्रमश: 2383 एवं 1618 लोगों को सहायता मुहैया कराई गई है। जबकि, तेलंगाना में 571, उत्तरप्रदेश में 186, नई दिल्ली में 338, बंगाल में 174, छत्तीसगढ़ में 441, तमिलनाडु में 272, हिमांचल में 36, हरियाणा में 259, कर्नाटक में 111, मध्य प्रदेश में 21, गोवा में एक और आंध्र प्रदेश में 100 मजदूरों से संपर्क स्थापित कर सहायता पहुचाई गई। इधर, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को भी राज्य के विभिन्न जिलों में सेवा कार्य चलाया गया। इस दौरान 38,480 गरीबों व जरूरतमंदों के बीच मोदी आहार परोसा गया, जबकि 8,160 परिवारों के बीच राशन का वितरण किया गया।