कोरोना का खौफ: निजामुद्दीन मरकज को खाली कराने वाली 24 पुलिसकर्मी आइसोलेशन में, 300 को दी छुट्टी

नई दिल्ली: निजामुद्दीन मरकज मामले में कई लोगों के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद अब दक्षिणी-पूर्वी जिले के 24 पुलिसकर्मियों को आइसोलेशन पर भेज दिया गया है। महज कुछ दिन के भीतर जिले में ही लगभग तीन सौ पुलिसकर्मियों को दस दिन के लिए छुट्टी पर भेजा जा चुका है। दिल्ली में मरकज सेंटर ही कोरोना वायरस का केंद्र बनकर सुर्खियों में आया था। पुलिस थाने और इस सेंटर के बीच कुछ कदमों की दूरी है। लगातार कोरोना पॉजिटिव के केस सामने आने के बाद से इस थाने के पुलिस कर्मियों में एक तरह की बेचैनी थी, क्योंकि मरकज सेंटर खाली कराने से लेकर मैनेजमेंट के सदस्यों का लगातार पुलिस थाने आना-जाना लगातार जो बना हुआ था।

पूरा देश लॉकडाउन होने के बाद पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने भी एक आर्डर जारी कर अपने महकमे के कर्मियों को आइसोलेशन या क्वारंटाइन में भेजने का निर्णय लिया था। इस बाबत हर जिले में पुलिस थाने, एसीपी ऑफिस व अन्य सभी यूनिट के 25 से 33 प्रतिशत तक स्टाफ को दस दिन का आराम देने के लिए कहा गया था, इनमें खासकर उस श्रेणी के पुलिसकर्मियों को प्राथमिकता दी गई थी जो पचास साल के ग्रुप में आते हैं या फिर उन्हें किसी तरह की मेडिकल समस्या है। इस मामले में दक्षिण पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा का कहना है कि उनके जिले में करीब तीन सौ पुलिसकर्मियों को दस दिन की छुट्टी पर भेजा गया है, ताकि वे घर में आराम कर सकें। यह कदम रोटेशन पॉलिसी के तहत उठाया गया है।

हजरत निजामुदीन थाने के अभी तक 24 पुलिसकर्मियों को बारी-बारी से आइसोलेशन में भेजा गया। इनमें सात पुलिस कर्मी 2 अप्रैल को ही छुट्टी पर भेजे गए। बतों दें कि इस थाने में तैनात पुलिसकर्मी मरकज सेंटर के अंदर भी कई बार गए थे। जिस वजह से उन्हें संक्रमण का खतरा बना हुआ था। पुलिस वालों को आराम पर भेजने की यह प्रक्रिया तकरीबन पूरी दिल्ली में चल रही है। दूसरी तरफ दक्षिण पश्चिम जिले की कम्यूनिकेशन यूनिट में पुलिस आयुक्त के आदेश का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा है। वहां तैनात पुलिस अधिकारी अपने मातहत कर्मियों को रोटेशन के तहत छुट्टी पर तो भेज रहे हैं, लेकिन समय सीमा का पालन नहीं हो रहा। वहां दस दिन के बजाए चार दिन के लिए भेजा जा रहा है, जिस कारण से पुलिसकर्मियों के बीच आपस में कई बार तकरार भी हो चुकी है। अब पुलिस वाले इस मामले को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने का मन बना रहे हैं।

 95 निगमकर्मियों के स्वास्थ्य की भी जांच की जा रही है 
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने कोरोना वायरस प्रभावित निजामुद्दीन क्षेत्र में तैनात 95 जनस्वास्थ्य कर्मचारी, फील्ड कर्मचारी और सफाई सैनिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को एक जांच कैंप किया। इस कैंप में निजामुद्दीन के प्रभावित इलाके में मौजूद रहें। सभी 95 कर्मियों, जिसमें 59 सफाई सैनिक शामिल हैं, की सघन चिकित्सा जांच विशेषज्ञ डॉ. प्रसाद, डॉ. उमेश और डॉ. सरदाना के पैनल ने की। जांच में यह पाया गया कि सभी कर्मचारी स्वस्थ हैं और किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए। डॉक्टरों द्वारा सभी कर्मियों को यह सलाह दी गई कि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और खांसी, जुकाम, बुखार या कोई अन्य बीमारी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सभी कर्मियों के संपर्क सूत्र डॉक्टरों को उपलब्ध कराए गए हैं ताकि वे उनके संपर्क में रहें और उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर सकें। सभी सफाई कर्मचारी और फील्ड कर्मचारी, जोकि कोरोना प्रभावित क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं, उन्हें विशेष सुरक्षा उपकरण जैसे कि पीपीई किट, हैजनैट सूट, मास्क, ग्लव्स आदि उपलब्ध कराए जा रहे हैं।