Coronavirus: झारखंड के इन दो मंत्रियों ने दांव पर लगा दी सैंकड़ों लोगों की जिंदगी, सरकार की फजीहत

रांची। Coronavirus Jharkhand कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए एक तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जहां दिन-रात एक किए हुए हैं वहीं उन्हीं की सरकार के मंत्री सब किए धरे पर पानी फेरने पर अमादा हैं। दो दिन में दो ऐसे गंभीर मामले सामने आए हैं जिनसे राज्य सरकार की पूरी लड़ाई पर मंत्रियों की लापरवाही भारी पड़ती दिख रही है। खैर, अभी भी देर नहीं हुई है। सरकार को कड़े कदम तो उठाने ही चाहिए, ऐसे मंत्रियों के बाबत भी सोचना चाहिए। तब जब पूरा देश इस कोरोना को लेकर भयंकर संकट के दौर में हैं, उन्होंने अपनी जिम्मेदारी के बजाए ऐसी लापरवाही क्यों की?

दो मंत्रियों आलमगीर आलम और हाजी हुसैन अंसारी ने तमाम प्रयासों पर पूरी तरह पानी फेरा है। अभी तक मंत्री आलमगीर आलम की आलोचना हो रही थी कि उन्होंने बसों में ठूंस-ठूंसकर लोगों को भिजवाने का काम किया। आपदा प्रबंधन के सख्त नियमों को दरकिनार करते हुए सारे लोग विभिन्न जिलों में गये। 400 लोगों को पाकुड़ में रोककर क्वारंटाइन किया गया है। इस मामले में फजीहत हो चुकी तो बुधवार को मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का नाम भी संवैधानिक पद पर रहते हुए गंभीर कोताही बरतने वालों में जुड़ गया।

हाजी हुसैन अंसारी के पुत्र नई दिल्ली में तब्लीगी जमात के मरकज में शामिल हुए लेकिन यह बात छिपाने की भरपूर कोशिशें उन्होंने की। खुलासा होने के बाद भी परिवार यह दावा कर रहा है कि कोई दिल्ली नहीं गया था। मंत्री के पुत्र तनवीर ने क्वारंटाइन किए जाने के वक्त भी दावा किया कि वे नई दिल्ली नहीं गए थे लेकिन सवाल उठता है कि उनका नाम मोबाइल नंबर के साथ पुलिस की विशेष शाखा की सूची में कैसे आ गया? सही यह होता कि मंत्री स्वयं अपने पुत्र को जांच के लिए आगे करते।

वायरस किसी धर्म, समुदाय, जाति, नस्ल को नहीं पहचानता : हेमंत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि यह समय एकजुट और सतर्क रहने का है। यदि हम पूरी तरह एहतियात न बरतें तो सभी को कोरोना वायरस से खतरा है। यह वायरस किसी धर्म, समुदाय, जाति, नस्ल को नहीं पहचानता। इस विकट समय में एक-दूसरे का सहारा बनें ताकि जिन लोगों में लक्षण हो, उनको सामने आने की और जांच कराने की हिम्मत मिले।

गढ़वा-पलामू में राशन डीलरों के खिलाफ कार्रवाई

मुख्यमंत्री के आदेश पर गढ़वा जिले के खारौंधी प्रखंड अंतर्गत अरंगी पंचायत के जनवितरण प्रणाली के डीलर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने उपायुक्त, गढ़वा को आदेश दिया है कि सुनिश्चित करें की उक्त ग्राम पंचायत में लोगों को उनके हक का अनाज सुचारू रूप से मिलता रहे। मुख्यमंत्री को मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने जानकारी दी कि गढ़वा जिले के खारौंधी प्रखंड अंतर्गत अरंगी पंचायत में पिछले तीन महीने से राशन का सही से वितरण नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री को उपायुक्त ने बताया कि उक्त डीलर पर एफआइआर कर दिया गया है। अगले 15 दिनों में कारण बताओ नोटिस देकर उसका लाइसेंस भी रद कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उपायुक्त, पलामू को राशनडीलर के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री को बताया गया कि पलामू में दलित परिवारों को अबतक कोई राशन नहीं मिला है। संकट के समय तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने मामले की जानकारी के बाद उपायुक्त को कार्रवाई करने का आदेश दिया।