सोनिया गांधी ने लॉकडाउन पर उठाए सवाल, कहा- सरकार को कोरोना योद्धा पर ध्यान देने की जरूरत

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वीरवार को कहा कि कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए लगातार चिकित्सा जांच की जरूरत है और चिकित्साकर्मियों को पूरा सहयोग दिया जाए तथा उन्हें सभी निजी सुरक्षा उपकरण मुहैया कराया जाएं। सोनिया ने पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में यह टिप्पणी की। सोनिया के अनुसार लॉकडाउन जरूरी था, लेकिन इसे बिना योजना के गलत तरीके से लागू किया गया। इस वजह से लाखों प्रवासी मजदूरों को परेशानी हुई है।

Randeep Singh Surjewala

@rssurjewala

Smt. Sonia Gandhi addresses the CWC-:

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कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के ट्वीट के मुताबिक बैठक में सोनिया ने कहा कि हम इस अप्रत्याशित स्वास्थ्य एवं मानवीय संकट के समय मिल रहे हैं। हमारे सामने यह बहुत बड़ी चुनौती है लेकिन इससे निजात पाने का हमारा संकल्प ज्यादा बड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार और विश्वसनीय ढंग से चिकित्सा जांच करने के अलावा कोविड-19 से लड़ने का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। हमारे चिकित्सकों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों को सभी तरह का सहयोग मिलना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों को एन-95 मास्क और हज्मत सूट जैसे निजी सुरक्षा उपकरण युद्ध स्तर पर मुहैया कराने की जरूरत है।

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वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि कोरोना संकट के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस देश के साथ खड़ी है। इस बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना मुख्य रूप से उम्रदराज, फेफड़ों की बीमारी, मधुमेह और हृदय रोग वाले लोगों पर हमला कर रहा है। सभी राज्य सरकारों को इन श्रेणियों के लोगों के लिए विशेष परामर्श जारी करने के साथ उनकी देखभाल करनी चाहिए।

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी सीडब्ल्यूसी की बैठक को संबोधित किया। अमरिंदर सिंह ने कोरोना संकट से निपटने के लिए अपने राज्य में उठाये गए कदमों और तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र राज्य के हिस्से के पांच हजार करोड़ रुपये जारी नहीं कर रहा है जो कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक अवरोध बन रहा है।